Hardeep Singh Puri: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी आज लोकसभा में भारत की ऊर्जा आपूर्ति की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत बयान देने वाले हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और सघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर असर पड़ने की आशंका के बीच सरकार संसद को देश की तैयारियों और रणनीति के बारे में जानकारी देगी। सूत्रों के मुताबिक, इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi भी मौजूद रहेंगे और उनके इस विषय पर हस्तक्षेप करने की संभावना है। माना जा रहा है कि सदन में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच महत्वपूर्ण बहस हो सकती है।
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भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने बुधवार को एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति फिलहाल सुरक्षित बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा मार्गों में व्यवधान की आशंकाओं के बावजूद भारत ने विभिन्न देशों से तेल खरीदकर अपनी आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा है। उनके अनुसार, भारत की प्रतिदिन कच्चे तेल की खपत लगभग 55 लाख बैरल है।
एलपीजी आपूर्ति को लेकर सरकार की तैयारी
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण एलपीजी आपूर्ति पर संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। सुजाता शर्मा ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा खुद वहन किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल घरेलू क्षेत्र को एलपीजी की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। वहीं गैर-घरेलू एलपीजी के मामले में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
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एलएनजी कार्गो और रिफाइनरियों की पूरी क्षमता
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान शर्मा ने बताया कि दो एलएनजी कार्गो भारत की ओर आ रहे हैं, जिससे गैस आपूर्ति को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश की रिफाइनरियां फिलहाल पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। कुछ मामलों में तो उत्पादन क्षमता से भी अधिक स्तर पर संचालन किया जा रहा है, ताकि देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों की नियमित आपूर्ति बनी रहे।भारत लगभग 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिससे आपूर्ति के स्रोत विविध बने रहते हैं और किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम होती है।
महत्वपूर्ण क्षेत्रों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता
सरकार ने कुछ आवश्यक क्षेत्रों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता देने का निर्णय भी लिया है। इनमें चाय उत्पादन, गैस ग्रिड संचालन और उर्वरक निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ये क्षेत्र कृषि और औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
एलपीजी उत्पादन में बढ़ोतरी और उपभोक्ताओं से अपील
शर्मा ने बताया कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और इनमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है। घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके परिणामस्वरूप देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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