Bhagat Singh Statue Unveiling: दिल्ली में शहीद दिवस पर CM का जोरदार कदम, भगत सिंह प्रतिमा और ट्रायल रूम का लोकार्पण

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहीद दिवस के अवसर पर भगत सिंह की प्रतिमा और ऐतिहासिक कोर्ट ट्रायल रूम का लोकार्पण करते हुए युवाओं को बड़ा संदेश दिया।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 23, 2026

Bhagat Singh Statue Unveiling: शहीद दिवस के पावन अवसर पर आज देश की राजधानी दिल्ली में देशभक्ति का एक नया अध्याय लिखा गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पार्लियामेंट स्ट्रीट स्थित आरसीएस (RCS) कार्यालय परिसर में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस गौरवशाली कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उस ‘ऐतिहासिक कोर्ट ट्रायल रूम’ का भी लोकार्पण किया, जिसका हाल ही में जीर्णोद्धार (Renovation) किया गया है।

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‘ऐतिहासिक कोर्ट ट्रायल रूम’

Bhagat Singh Statue Unveiling
दिल्ली में शहीद दिवस पर CM का जोरदार कदम

इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह कोर्ट रूम रहा जहाँ कभी अंग्रेजी हुकूमत ने भगत सिंह पर मुकदमा चलाया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि यह केवल ईंट-गारों से बनी एक इमारत नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान की जीवंत निशानी है।

ट्रायल रूम की विशेषताएं

सरकार ने इस ट्रायल रूम को उसी मूल स्वरूप में संरक्षित किया है, जैसा यह क्रांति के दौर में था। यहाँ आने वाली पीढ़ियां उस स्थान को देख सकेंगी जहाँ भगत सिंह ने निडर होकर औपनिवेशिक सत्ता की आंखों में आंखें डालकर बात की थी। यह स्थान अब दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में गिना जाएगा, जो देश की आजादी के सफर को बयां करेगा।

भगत सिंह: युवाओं के शाश्वत प्रेरणास्रोत

प्रतिमा के अनावरण के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भगत सिंह के जीवन दर्शन पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का जीवन मात्र एक कहानी नहीं, बल्कि युवाओं के लिए एक ‘आदर्श’ है। “उनका अदम्य साहस, अटूट संकल्प और राष्ट्र के प्रति बिना किसी शर्त के समर्पण आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना आजादी की लड़ाई के दौरान था।” मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस प्रतिमा की स्थापना का मुख्य उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं है, बल्कि आज के युवाओं के भीतर ‘देश सेवा’ की उस मशाल को फिर से जलाना है, जिसे भगत सिंह ने अपने रक्त से सींचा था।

सरकार का संकल्प

कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य व्यक्तियों और अधिकारियों ने भी शहीद दिवस के महत्व पर अपने विचार साझा किए। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया कि शहीदों से जुड़े ऐसे ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण और विकास करना उनकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे स्थलों को सहेजकर ही हम आने वाली पीढ़ियों को यह समझा पाएंगे कि यह आजादी हमें कितनी बड़ी कीमत चुका कर मिली है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक श्रद्धांजलि और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों के साथ हुआ, जिसने पूरे पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके को राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

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