UP News: भदोही का नाम अब होगा संत रविदास नगर भदोही, CM योगी ने किया बड़ा ऐलान

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर भदोही’ करने की घोषणा की। साथ ही संत रविदास नगर, मीरजापुर और वाराणसी को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित करने और कालीन उद्योग के लिए नई नीति पर भी संकेत दिए।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 4, 2026

UP News: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही को लेकर बड़ा ऐलान किया है। रविवार को भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले का नाम बदलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब भदोही जिला ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस घोषणा को जिले की पहचान और संत रविदास की विरासत से जोड़ते हुए महत्वपूर्ण कदम बताया। इसी कार्यक्रम में उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 112 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

संत रविदास नगर, मीरजापुर और वाराणसी बनेंगे सिल्क क्लस्टर

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भदोही से संत रविदास नगर भदोही तक, योगी के ऐलान से बदली जिले की पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास नगर, मीरजापुर और वाराणसी को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही वाराणसी-विंध्य रीजनल डेवलपमेंट प्लान को जल्द लागू करने की बात भी कही। सरकार का जोर इस पूरे क्षेत्र को उद्योग, कारोबार और निर्यात के लिहाज से मजबूत बनाने पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर क्षेत्रीय योजना और सुविधाओं के जरिए स्थानीय उद्योगों को देश और विदेश के बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

इंडिया कारपेट एक्सपो में कालीन उद्योग के उद्यमियों से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री ने यह बात इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण के दौरान कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, कारोबारियों और प्रमुख उद्यमियों से संवाद करते हुए कही। बैठक में उद्यमियों ने कालीन उद्योग के लिए अलग नीति बनाने, कारोबार से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने सहित कई मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों में सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

भदोही और मीरजापुर के कालीन कारोबारियों ने रखीं अपनी मांगें

मीरजापुर के कालीन कारोबारी अनिल कुमार ने बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मीरजापुर शहर और वहां के कालीन कारोबार से जुड़े विषय मुख्यमंत्री के सामने रखे। वहीं, उद्यमी इम्तियाज अहमद ने एक जिला एक उत्पाद यानी ओडीओपी योजना से कारोबारियों को मिल रहे लाभ का उल्लेख किया। उन्होंने मांग की कि कालीन उद्योग के लिए भी इसी तरह एक विशेष नीति तैयार की जाए, जिससे कारोबार के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए अलग नीति की मांग

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उद्यमी पीयूष कुमार बरनवाल ने हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए अलग व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि हस्तनिर्मित कालीन तैयार करने में सामान्य उत्पादों की तुलना में अधिक समय और मेहनत लगती है। भारत इस क्षेत्र में अग्रणी है, इसलिए हस्तनिर्मित कालीन को सामान्य मैन्युफैक्चरिंग श्रेणी से अलग रखते हुए उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप नीति बनाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सुझाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बुनकरों ने अपने पूर्वजों की विरासत को आज भी जीवित रखा है और सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी।

कालीन उद्योग में महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

उद्यमी आदर्श पूर्णिमा ने बताया कि पहले इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन दिल्ली में होता था, लेकिन अब भदोही में इतने बड़े स्तर पर आयोजन होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कालीन उद्योग में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं उद्यमी और कामगार के तौर पर इस क्षेत्र से जुड़ी हैं, लेकिन कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल यानी सीईपीसी के मौजूदा ढांचे में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी नहीं है।

सीईपीसी में महिला उद्यमियों को मिलेगा अधिक प्रतिनिधित्व

महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सीईपीसी में विशेष प्रावधान की मांग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने सीईपीसी से महिला उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके लिए स्थान आरक्षित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।