Bengal Politics: मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर घमासान, शुभेंदु अधिकारी से मिले मुर्शिदाबाद के 2 सांसद

पश्चिम बंगाल में मस्जिदों के लाउडस्पीकर को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। इसी मुद्दे पर मुर्शिदाबाद के दो सांसदों ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। बैठक के बाद इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं। आखिर सांसदों ने क्या मांग रखी और आगे क्या होगा?

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 8, 2026

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Bengal Politics:  कोलकाता में शनिवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ा एक अहम घटनाक्रम सामने आया। मुर्शिदाबाद जिले के दो सांसदों ने राज्य सचिवालय नबान्न पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। बैठक के दौरान उन्होंने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की कार्रवाई का मुद्दा उठाया। सांसदों ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत कर अपनी चिंताएं सामने रखीं।

अबू ताहिर खान ने कार्रवाई पर जताई नाराजगी

मुर्शिदाबाद से सांसद अबू ताहिर खान ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने को लेकर असहमति जताई। उन्होंने दावा किया कि राज्य में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। खान ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि ऐसी कार्रवाई को रोका जाए और लोगों को शांतिपूर्वक नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए।

अदालत के आदेश का पालन जरूरी, बोले खलीलुर रहमान

जंगीपुर से सांसद खलीलुर रहमान ने कहा कि अदालत के निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई को लेकर सरकार को संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक आदेशों का सम्मान जरूरी है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई किस तरह लागू की जा रही है, इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। रहमान ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की समीक्षा करने का आग्रह किया है।

पुलिस की कार्रवाई पर सांसद ने उठाए सवाल

अबू ताहिर खान ने आरोप लगाया कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस जरूरत से ज्यादा सक्रियता दिखा रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी चिंता रखी और कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया। हालांकि, इस पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से कार्रवाई के कारणों तथा संबंधित न्यायिक निर्देशों को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

SIR मामलों की लंबित सुनवाई का मुद्दा भी उठा

मुख्यमंत्री के साथ बैठक में सिर्फ लाउडस्पीकर का मुद्दा ही नहीं उठा, बल्कि मतदाता सूची से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई। दोनों सांसदों ने मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में SIR से जुड़े न्यायाधिकरणों में बड़ी संख्या में लंबित मामलों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। सांसदों का कहना है कि कई ऐसे लोग हैं, जो खुद को वास्तविक मतदाता बताते हैं, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची से हट गए हैं।

मतदाताओं को जरूरी कामों में परेशानी का दावा

अबू ताहिर खान के अनुसार, मतदाता सूची से नाम हटने के बाद संबंधित लोग न्यायाधिकरण के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मामलों के निपटारे में देरी से लोगों को कई जरूरी कामों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें पासपोर्ट सत्यापन, जमीन के पंजीकरण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। सांसदों ने लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाने की मांग की।

31 दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने की मांग

सांसदों ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि SIR से जुड़े लंबित मामलों की सुनवाई जल्द पूरी की जाए। उनकी मांग है कि पूरी प्रक्रिया को 31 दिसंबर तक समाप्त करने का प्रयास किया जाए, ताकि वास्तविक मतदाताओं को लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का इंतजार न करना पड़े। सांसदों का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों का समय पर समाधान नागरिकों के अधिकारों और रोजमर्रा की जरूरतों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

अमित शाह के सामने भी उठा चुके हैं मुद्दा

मस्जिदों के लाउडस्पीकर हटाए जाने का मामला मुर्शिदाबाद के सांसद इससे पहले केंद्र सरकार के सामने भी उठा चुके हैं। गुरुवार को अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और मुर्शिदाबाद से जुड़े सांसद यूसुफ पठान ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बताया गया कि इस बैठक में भी पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया था।

नौशाद सिद्दीकी ने भी उठाया है मामला

मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का विषय पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। विधायक नौशाद सिद्दीकी भी इस मामले को प्रमुखता से उठा चुके हैं। अब मुर्शिदाबाद के सांसदों द्वारा राज्य सरकार के सामने मुद्दा रखने के बाद राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। सांसदों का कहना है कि धार्मिक आस्था और न्यायिक निर्देशों के बीच संतुलन बनाते हुए समाधान निकाला जाना चाहिए।

राज्य और केंद्र दोनों के सामने रखी मांग

मुर्शिदाबाद के सांसदों ने अब इस मुद्दे को राज्य सरकार और केंद्र सरकार, दोनों स्तरों पर उठाया है। एक तरफ उन्होंने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर SIR से जुड़े लंबित मामलों को जल्द निपटाने का आग्रह किया है। आने वाले दिनों में इन दोनों मुद्दों पर सरकार और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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