बंगाल चुनावी विवाद: सुवेंदु अधिकारी ने बताया वोटर वेरिफिकेशन में गड़बड़ी का प्रयास

  कोलकाता   पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की तरफ से वेरिफिकेशन प्रोसेस में हेराफेरी करने के गैर-कानूनी आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह टीएमसी और प्रशासन के बीच गठजोड़ को दर्शाता है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, "एसआईआर प्रक्रिया में चौंकाने और बेशर्म 'टीएमसी-ममता प्रशासन का गठजोड़' सामने आया। साउथ 24 परगना के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (एडीएम) की ओर से भेजा गया एक कथित व्हाट्सएप मैसेज चुनावी

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Published On :

जनवरी 30, 2026

 

कोलकाता 
 पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की तरफ से वेरिफिकेशन प्रोसेस में हेराफेरी करने के गैर-कानूनी आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह टीएमसी और प्रशासन के बीच गठजोड़ को दर्शाता है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, "एसआईआर प्रक्रिया में चौंकाने और बेशर्म 'टीएमसी-ममता प्रशासन का गठजोड़' सामने आया। साउथ 24 परगना के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (एडीएम) की ओर से भेजा गया एक कथित व्हाट्सएप मैसेज चुनावी लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के पीछे की सच्चाई को उजागर करता है।" 

सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "एडीएम की तरफ से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी टीम को बताएं कि अभी किसी भी हालत में 'नॉट वेरिफाइड' ऑप्शन पर क्लिक न करें। किसी भी कन्फ्यूजन की स्थिति में कृपया मेरे साथ या ओसी इलेक्शन के साथ मामला उठाएं। हर हाल में प्रतिदिन 3000 वेरिफिकेशन का टारगेट पूरा करना है।"

भाजपा नेता ने कहा कि यह वेरिफिकेशन प्रक्रिया में हेराफेरी करने का सीधा और गैर-कानूनी आदेश है। अधिकारियों से कहा जा रहा है कि वे जानबूझकर 'नॉट वेरिफाइड' मार्क न करें, भले ही ठीक से वेरिफिकेशन न किया गया हो। उन्होंने कहा, "यह प्रशासनिक अधिकार का खुला दुरुपयोग है, जिसे तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर अयोग्य मतदाताओं और फर्जी एंट्रीज को बचाने व छिपाने के लिए किया जा रहा है, जिन्हें टीएमसी की वोटबैंक की राजनीति को बनाए रखने के लिए व्यवस्थित तरीके से लिस्ट में जोड़ा गया है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार भारत के चुनाव आयोग के साफ और पारदर्शी वोटर लिस्ट के आदेश को खराब करने के लिए जिला प्रशासन का हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। टीएमसी डरी हुई है कि असली एसआईआर उनके लंबे समय से चल रहे चुनावी धोखाधड़ी को उजागर कर देगा।

सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से अनुरोध करते हुए कहा कि वह इस तरह के अनौपचारिक प्रशासनिक दबाव के तरीकों के इस पैटर्न का तुरंत संज्ञान ले और एडीएम और इन गैर-कानूनी निर्देशों को जारी करने या उनका पालन करने में शामिल अन्य अधिकारियों की भूमिका की उच्च-स्तरीय जांच शुरू करे। उन्होंने यह भी मांग की कि सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर लोकतंत्र को कमजोर करने वाले सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए।

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