
Basant Panchami: कुरुक्षेत्र की रणभूमि में श्रीकृष्ण द्वारा बसंत का उल्लेख केवल ऋतु का वर्णन नहीं, बल्कि जीवन के गहरे दर्शन का प्रतीक है। बसंत परिवर्तन, नवसृजन और आशा का संदेश देता है, जो पतझड़ के बाद जीवन को नई दिशा देता है। युद्ध के बीच यह संकेत मिलता है कि धर्म और सृजन के लिए परिवर्तन आवश्यक है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा हमें सिखाती है कि यह परिवर्तन ज्ञान और विवेक के साथ हो—यही श्रीकृष्ण का शाश्वत संदेश है कि जीवन ठहराव में नहीं, परिवर्तन में खिलता है।











