
UP Kisan Yojana: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब किसान अपने खेत में तालाब बनवाकर सरकार से 52,500 रुपये तक की सब्सिडी ले सकते हैं। इस योजना से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और वे मछली पालन, मोती की खेती और सिंघाड़े का उत्पादन करके अतिरिक्त कमाई भी कर सकेंगे। इसके अलावा पंप सेट खरीदने पर भी सरकार 15 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद देगी।
बरेली के किसानों को खेत तालाब योजना से मिलेगा फायदा
खेती में सिंचाई की समस्या को कम करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार खेत तालाब योजना चला रही है। इसके तहत किसानों को अपने खेत में तालाब बनवाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। बरेली जिले में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए फिलहाल 12 खेत तालाब बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

भूमि संरक्षण अधिकारी नीरजा सिंह के मुताबिक, अगर किसानों की मांग ज्यादा रहती है और बुकिंग बढ़ती है तो तालाब निर्माण का लक्ष्य भी बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में जो किसान इस योजना का फायदा लेना चाहते हैं, उन्हें समय रहते आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
खेत में तालाब बनवाने के लिए कितना मिलेगा अनुदान?
इस योजना के तहत खेत में तालाब बनाने की कुल लागत 1.05 लाख रुपये तय की गई है। सरकार इस लागत का 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 52,500 रुपये तक अनुदान देगी। यह राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सबसे पहले यूपी एग्री दर्शन 2.0 पोर्टल पर जाकर टोकन बुक करना होगा। टोकन बुकिंग की पुष्टि होने के बाद किसान को एक हजार रुपये जमा करने होंगे। इस योजना में लाभार्थियों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इसलिए किसानों को आवेदन करते समय देरी नहीं करनी चाहिए।

तालाब निर्माण के लिए तय किया गया है साइज
सरकार ने खेत में बनने वाले तालाब का आकार भी निर्धारित किया है। योजना के तहत तालाब की लंबाई 22 मीटर, चौड़ाई 20 मीटर और गहराई तीन मीटर रखी जाएगी। इसी आकार के तालाब के निर्माण पर तय अनुदान दिया जाएगा। हालांकि, किसानों को यह समझना जरूरी है कि तालाब निर्माण का पूरा खर्च सरकार नहीं उठाएगी। खुदाई और पक्का इनलेट बनाने का काम किसान को अपने खर्च पर कराना होगा। इसके बाद योजना के नियमों के मुताबिक अनुदान की राशि दी जाएगी।
स्प्रिंकलर सेट लगवाने के लिए भी जरूरी हैं ये शर्तें
खेत तालाब योजना का लाभ लेने वाले किसानों को स्प्रिंकलर सेट से जुड़ी शर्तों का भी ध्यान रखना होगा। जिन किसानों ने अभी तक अपने खेत में स्प्रिंकलर सेट नहीं लगवाया है, उन्हें इसके लिए त्रिपक्षीय समझौता करना होगा। इसके साथ ही उद्यान विभाग के माध्यम से स्प्रिंकलर सेट लगवाना जरूरी होगा। इसलिए आवेदन करने से पहले किसान कृषि विभाग से योजना की सभी शर्तों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर ले लें।
मछली पालन और सिंघाड़े की खेती से बढ़ेगी किसानों की कमाई

खेत में तालाब बनवाने का फायदा सिर्फ सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगा। किसान इस पानी का इस्तेमाल मछली पालन के लिए भी कर सकेंगे। इसके अलावा तालाब में मोती की खेती और सिंघाड़े का उत्पादन करके भी कमाई की जा सकती है। इससे किसानों को खेती के साथ आमदनी के दूसरे रास्ते भी मिलेंगे। एक ही खेत में सिंचाई के लिए पानी जमा करने के साथ मछली पालन और दूसरी गतिविधियां शुरू की जा सकेंगी।
पंप सेट खरीदने पर भी मिलेगी 15 हजार रुपये तक की मदद
तालाब निर्माण के अलावा किसानों को पंप सेट खरीदने पर भी 15 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की जानकारी दी गई है। इससे किसान खेत में जमा पानी को जरूरत के हिसाब से सिंचाई के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। कुल मिलाकर, बरेली के किसानों के लिए खेत तालाब योजना खेती को बेहतर बनाने और अतिरिक्त कमाई का मौका दे सकती है। हालांकि, जिले में अभी 12 तालाब बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। ऐसे में इच्छुक किसानों को यूपी एग्री दर्शन 2.0 पोर्टल पर टोकन बुक करने और आवेदन से जुड़ी शर्तों की जानकारी समय रहते प्राप्त करनी चाहिए।











