Bankipur By-Poll: बिहार की राजधानी पटना की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव से ठीक पहले ‘जन सुराज’ पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) को एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रितेश रंजन सिंह उर्फ बिट्टू सिंह ने बुधवार (8 जुलाई 2026) को जन सुराज की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। प्रशांत किशोर के लिए सबसे बड़ी परेशानी की बात यह है कि इस्तीफा देने के तुरंत बाद बिट्टू सिंह ने बांकीपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) यानी एनडीए (NDA) के प्रत्याशी को अपना पूर्ण समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
Bihar Politics: बांकीपुर सीट पर बढ़ी सियासी हलचल, प्रशांत किशोर को लेकर JDU का बड़ा दावा
इस्तीफे का स्पष्ट कारण नहीं बताया
रितेश रंजन सिंह उर्फ बिट्टू सिंह का यह इस्तीफा उस समय आया है जब जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर खुद बांकीपुर सीट से चुनावी मैदान में उतरने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। बिट्टू सिंह ने पार्टी को भेजे गए अपने संक्षिप्त त्यागपत्र में इस्तीफे के किसी स्पष्ट कारण का उल्लेख नहीं किया है।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा “मैं जन सुराज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा देता हूं। मैंने पार्टी के साथ रहते हुए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य किया तथा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दीघा विधानसभा क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ा। आज से मैं अपना पूर्ण समर्थन एनडीए (NDA) को देता हूं। मैं बांकीपुर उपचुनाव 2026 में एनडीए के प्रत्याशी को विजयी बनाने के लिए अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान करता हूं। धन्यवाद।”
बांकीपुर के चुनावी समीकरणों पर क्या पड़ेगा असर?
राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि खुद प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने से ठीक पहले उनके एक मजबूत साथी का पाला बदलना जन सुराज को कितना भारी पड़ेगा। हालांकि इसका सटीक अंदाजा तो चुनाव के नतीजों और वोटों की गिनती के बाद ही लग सकेगा, लेकिन चुनावी आंकड़ों के लिहाज से बिट्टू सिंह को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
साल 2025 में हुए बिहार मुख्य विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज ने बिट्टू सिंह को पटना की ही वीआईपी सीट ‘दीघा’ से अपना उम्मीदवार बनाया था। उस चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले के बावजूद बिट्टू सिंह ने अपनी व्यक्तिगत साख के दम पर 22,071 वोट हासिल किए थे। इस सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी और वामदलों के बीच था, जिसमें बीजेपी के संजीव चौरसिया को 1,11,001 वोटों के साथ प्रचंड जीत मिली थी, जबकि सीपीआई (एमएल) लिबरेशन की दिव्या गौतम दूसरे स्थान पर रही थीं। दीघा में मजबूत पकड़ रखने वाले बिट्टू सिंह का अब बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी के पक्ष में जाना एनडीए के लिए बड़ा बूस्टर माना जा रहा है।
13 जुलाई को नामांकन करेंगे प्रशांत किशोर
इस बड़े सियासी उलटफेर के बीच बांकीपुर उपचुनाव के लिए रणभेरी पूरी तरह बज चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार, जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर आगामी 13 जुलाई को सुबह ठीक 10:00 बजे बांकीपुर सीट से अपना नामांकन पत्र (Nomination) दाखिल करेंगे। प्रशांत किशोर के खुद सीधे तौर पर चुनावी राजनीति में कदम रखने और इस सीट से ताल ठोकने के कारण बांकीपुर का यह उपचुनाव पूरे बिहार की सबसे हॉट और रोचक जंग में तब्दील हो चुका है। अब देखना यह होगा कि इस दलबदल का नुकसान पीके अपनी कूटनीति से कैसे पाटते हैं।
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