UP News: उत्तर प्रदेश के मथुरा अंतर्गत वृंदावन में स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के समीप एक अत्यंत दर्दनाक और भीषण हादसा सामने आया है। मंदिर के वीआईपी प्रवेश द्वार यानी गेट नंबर 5 के बिल्कुल पास स्थित एक संकरी गली में अचानक एक मकान का ऊपरी छज्जा भरभरा कर नीचे आ गिरा। इस अप्रत्याशित घटना की चपेट में आने से वहां से गुजर रहे कई दर्शनार्थी मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं। स्थानीय चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के वक्त गली में बांके बिहारी महाराज के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही हो रही थी। घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और श्रद्धालुओं के बीच अपनी जान बचाने के लिए भारी भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
मकान का हिस्सा टूटने से मची चीख-पुकार
वृंदावन धाम में बांके बिहारी मंदिर के बिल्कुल नजदीक घटित हुई इस दुर्घटना को लेकर बताया जा रहा है कि अचानक मौसम का मिजाज बदल गया था। इसी बीच, मंदिर मार्ग पर बने एक निजी आवासीय भवन की ऊपरी मंजिल का छज्जा अचानक टूटकर सीधे नीचे चल रहे श्रद्धालुओं के ऊपर गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मलबे के गिरते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों और मंदिर प्रशासन के सुरक्षाकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद सजग लोगों ने मलबे में दबे घायलों को बाहर निकाला और तुरंत एम्बुलेंस तथा निजी वाहनों की मदद से वृंदावन के नजदीकी चिकित्सालयों में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका आपातकालीन उपचार कर रही है।
बंदरों के आतंक और ओवरलोडिंग के कारण हुआ हादसा
मथुरा हादसे के कारणों को लेकर जो प्रारंभिक और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ रही हैं, वे काफी चौंकाने वाली हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मंदिर के पास बना यह निजी मकान काफी पुराना था और उसका छज्जा पहले से ही जर्जर तथा बेहद कमजोर स्थिति में था। इसी दौरान, इलाके में सक्रिय बंदरों का एक बड़ा झुंड अचानक उस कमजोर छज्जे पर आकर बैठ गया। बंदरों की अत्यधिक संख्या और उनके भार के कारण जर्जर छज्जा उस दबाव को झेल नहीं सका और ओवरलोडिंग की वजह से अचानक भरभरा कर नीचे आ गिरा। वृंदावन के इस संवेदनशील इलाके में बंदरों के आतंक और पुरानी इमारतों की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय लोग पहले भी चिंता जताते रहे हैं, जो आज इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बन गई।
श्रद्धालुओं की गंभीर स्थिति और अस्पताल में उपचार
इस दुखद घटना में मलबे की चपेट में आने से करीब 4 से 6 श्रद्धालुओं की स्थिति अत्यंत नाजुक और गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों के अनुसार, गंभीर रूप से चोटिल हुए इन तीर्थयात्रियों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में रखकर इलाज दिया जा रहा है। अस्पताल परिसर के बाहर घायलों के परिजनों और साथी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई है। हादसे के वक्त बाल-बाल बचे एक चश्मदीद श्रद्धालु ने रोते हुए अपनी आंखों देखी दास्तां साझा की। उसने बताया कि जिस क्षण वह छज्जा नीचे गिरा, ठीक उसी समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु उसके ठीक नीचे से गुजर रहे थे। अगर मलबे का आकार थोड़ा और बड़ा होता, तो स्थिति और भी भयानक हो सकती थी।
वृंदावन में उमड़ी भारी भीड़ और सुरक्षा पर सवाल
इस भीषण हादसे के बाद बांके बिहारी मंदिर के आसपास के समूचे क्षेत्र में लोगों और स्थानीय दुकानदारों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बांके बिहारी मंदिर मार्ग पर रोजाना लाखों की तादाद में देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मंदिर की ओर जाने वाली तंग गलियों में स्थित कई निजी मकान और पुरानी इमारतें बेहद जर्जर हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा समय रहते इन कमजोर ढांचों और खतरनाक छज्जों के खिलाफ कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण आज निर्दोष श्रद्धालुओं को इसकी कीमत चुकानी पड़ी है। इस घटना के बाद स्थानीय जनता में प्रशासन की शिथिल कार्यप्रणाली और बंदरों की समस्या का स्थाई समाधान न ढूंढ पाने को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।










