Bangladesh Politics: पड़ोसी देश बांग्लादेश में आगामी आम चुनावों से ठीक पहले एक बड़ी राजनीतिक हलचल हुई है। शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने आधिकारिक तौर पर तारिक रहमान को अपना नया चेयरमैन नियुक्त कर दिया है। यह फैसला पार्टी की कद्दावर नेता और पूर्व चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद लिया गया है। खालिदा जिया के जाने से पार्टी के भीतर पैदा हुए नेतृत्व के शून्य को भरने के लिए BNP की नेशनल स्टैंडिंग कमेटी ने सर्वसम्मति से उनके पुत्र तारिक रहमान के नाम पर मुहर लगा दी है।
खालिदा जिया का उत्तराधिकारी: लंबी बीमारी के बाद हुआ था निधन
बांग्लादेश की तीन बार प्रधानमंत्री रह चुकीं बेगम खालिदा जिया का 30 दिसंबर 2025 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उनके निधन से न केवल BNP बल्कि पूरे देश के राजनीतिक परिदृश्य में शोक की लहर दौड़ गई थी। पार्टी के संविधान के अनुसार, पद खाली होने की स्थिति में नई नियुक्ति अनिवार्य थी। ढाका में आयोजित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने माना कि तारिक रहमान ही इस समय पार्टी को एकजुट रखने और आगामी चुनावों में जीत दिलाने के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प हैं।
लंदन से स्वदेश वापसी: 17 साल का वनवास और राजनीतिक सफर
60 वर्षीय तारिक रहमान की यह नियुक्ति उनके राजनीतिक करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। तारिक रहमान पिछले 17 वर्षों से लंदन में स्व-निर्वासन (Self-exile) में रह रहे थे और हाल ही में बांग्लादेश लौटे हैं। इससे पहले वे पार्टी के ‘एक्टिंग चेयरमैन’ के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे थे, लेकिन अब उनके पास आधिकारिक और पूर्णकालिक शक्तियाँ होंगी। पार्टी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रहमान ने अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की पूरी जिम्मेदारी संभाल ली है।
प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार: अवामी लीग के बाहर होने का फायदा
फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों में तारिक रहमान अब प्रधानमंत्री पद के सबसे प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं। बांग्लादेश की राजनीति में यह चुनाव इसलिए भी विशेष है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी ‘अवामी लीग’ को फिलहाल चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। मुख्य प्रतिद्वंद्वी के मैदान में न होने के कारण BNP की राह काफी आसान मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तारिक रहमान के पास इस समय सत्ता हासिल करने का सबसे सुनहरा अवसर है, बशर्ते वे देश में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने का भरोसा दिला सकें।
राजनीतिक सफर की चुनौतियां: जॉइंट सेक्रेटरी से चेयरमैन तक का रास्ता
तारिक रहमान का राजनीतिक सफर 2002 में शुरू हुआ था जब उन्हें BNP का सीनियर जॉइंट सेक्रेटरी जनरल बनाया गया था। इसके बाद 2009 में वे सीनियर वाइस चेयरमैन बने। उनके कार्यकाल के दौरान उन पर कई कानूनी आरोप भी लगे, जिन्हें BNP हमेशा ‘राजनीति से प्रेरित’ बताती रही है। अब जब वे आधिकारिक तौर पर चेयरमैन बन गए हैं, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर विभिन्न गुटों को साधने और बांग्लादेश के नागरिकों को एक नई उम्मीद देने की होगी। पूरी दुनिया की नजरें अब बांग्लादेश के फरवरी चुनावों और तारिक रहमान की भावी नीतियों पर टिकी हैं।
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