बलौंगी को मिलेगी नई पुल की सौगात, गमाडा ने तैयार किया निर्माण प्लान

 मोहाली  मोहाली के बलौंगी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 120 मीटर लंबा नया हाईलेवल आरसीसी पुल बनाने की योजना है।ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की इस परियोजना के तहत नए पुल के निर्माण के साथ पटियाला की राव पर बने मौजूदा पुल की मरम्मत और आसपास की सड़क को बेहतर बनाने का काम भी शामिल किया गया है। परियोजना पूरी होने पर इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। परियोजना में केवल नया पुल बनाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि पटियाला की राव पर

Wrriten By :

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Published On :

अक्टूबर 21, 2026

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 मोहाली
 मोहाली के बलौंगी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 120 मीटर लंबा नया हाईलेवल आरसीसी पुल बनाने की योजना है।ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की इस परियोजना के तहत नए पुल के निर्माण के साथ पटियाला की राव पर बने मौजूदा पुल की मरम्मत और आसपास की सड़क को बेहतर बनाने का काम भी शामिल किया गया है। परियोजना पूरी होने पर इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है।

परियोजना में केवल नया पुल बनाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि पटियाला की राव पर बने मौजूदा पुल की रेट्रोफिटिंग भी प्रस्तावित है। इसके तहत पुराने पुल की स्थिति के अनुरूप आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

इससे मौजूदा ढांचे को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नए पुल के निर्माण और पुराने पुल की मरम्मत को साथ लेकर चलने से क्षेत्र में सड़क संपर्क से जुड़ी जरूरतों को व्यापक रूप से पूरा करने की योजना है।

तैयार होगा नया ढांचा
120 मीटर लंबे हाईलेवल आरसीसी पुल का निर्माण इस परियोजना का प्रमुख हिस्सा है। इसके साथ अप्रोच रोड और मौजूदा सड़क की कारपेटिंग भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि पुल तक पहुंचने और वहां से आगे जाने के लिए सड़क की स्थिति अच्छी होना जरूरी है।

सड़क और पुल के बीच बेहतर तालमेल से वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है। हालांकि, निर्माण पूरा होने के बाद यातायात में कितना सुधार होगा, यह सड़क के उपयोग, निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर निर्भर करेगा।

पांच साल तक रखरखाव की भी व्यवस्था
गमाडा के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक परियोजना में निर्माण कार्य के बाद पांच साल तक रखरखाव का प्रावधान भी शामिल है। इसका उद्देश्य पुल और संबंधित सड़क कार्यों को निर्धारित अवधि तक उचित स्थिति में बनाए रखना है।

निर्माण के बाद नियमित निरीक्षण और समय पर जरूरी मरम्मत से सड़क एवं पुल की उपयोगिता लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। जानकारी के मुाबिक परियोजना के लिए उपलब्ध कुल 185.96 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

सड़क और पुल की हालत काफी खस्ता
बलौंगी क्षेत्र में यह परियोजना सड़क बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी। अभी कि बात करें तो यहां सड़क और पुल की हालत काफी खस्ता है। परियोजना के पूरा होने के बाद लोगों को यहां से आने जाने में असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।