Baloch Leader US Appeal: बलूच नेता की अमेरिका से खुली अपील, बलूचिस्तान को आज़ादी दिलाने के लिए हस्तक्षेप की मांग

बलूचिस्तान में जारी मानवाधिकार संकट के बीच एक प्रमुख बलूच नेता ने अमेरिका से सीधे सैन्य हस्तक्षेप की अपील कर सनसनी फैला दी है। उन्होंने पाकिस्तान पर बलूच नागरिकों के व्यवस्थित नरसंहार का आरोप लगाते हुए ट्रंप प्रशासन से बलूचिस्तान की संप्रभुता बहाली की मांग की है। क्या अमेरिका दक्षिण एशिया के इस अशांत क्षेत्र में कोई नया मोर्चे खोलने की तैयारी करेगा?

Baloch Leader US Appeal

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 5, 2026

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Baloch Leader US Appeal: अमेरिका में रह रहे बलूचिस्तान के वरिष्ठ नेता और बलूच अमेरिकन कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. तारा चंद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बलूच लोगों के समर्थन की खुली अपील की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला में हस्तक्षेप कर वहां के नागरिकों को तानाशाही से राहत दिलाने की कोशिश की, उसी तरह बलूचिस्तान के लोगों को भी न्याय और आज़ादी दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

Baloch Leader US Appeal : वेनेजुएला कार्रवाई को बताया सही

डॉ. तारा चंद ने वेनेजुएला में हुई अमेरिकी कार्रवाई को जायज़ ठहराते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने वहां के लोगों को तानाशाही शासन से बचाने का प्रयास किया। उनके अनुसार, यह कदम लोकतंत्र और मानवाधिकारों के पक्ष में था। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका इसी तरह बलूचिस्तान के मामले में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा।

Baloch Leader US Appeal: पाकिस्तान के सेना प्रमुख पर सख्त कार्रवाई की मांग

अपने बयान में डॉ. तारा चंद ने खास तौर पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचारों और संसाधनों के शोषण के लिए पाकिस्तानी सेना सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उनके मुताबिक, जब तक सैन्य नेतृत्व पर दबाव नहीं डाला जाएगा, तब तक बलूच लोगों को न्याय नहीं मिल पाएगा।

एक्स पर ट्रंप को संबोधित लंबा पोस्ट

बलूचिस्तान विधानसभा के पूर्व सदस्य और प्रांतीय सरकार में मंत्री रह चुके डॉ. तारा चंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि जैसे अमेरिका ने वेनेजुएला के नागरिकों का साथ दिया, वैसे ही बलूचिस्तान के लोगों की आवाज़ भी सुनी जानी चाहिए।

मादुरो और आसिम मुनीर की तुलना

डॉ. तारा चंद ने वेनेजुएला के शासक निकोलस मादुरो और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तुलना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मादुरो ने अपने देश के प्राकृतिक संसाधनों को चीन के हवाले कर दिया। इसी तरह, उनके अनुसार, आसिम मुनीर भी बलूचिस्तान के खनिज और समुद्री संसाधनों को चीन और अन्य देशों को बेचकर निजी और संस्थागत लाभ कमा रहे हैं।

‘डबल एजेंट’ जैसा व्यवहार का आरोप

तारा चंद ने यह भी कहा कि आसिम मुनीर एक तरह से “डबल एजेंट” की तरह काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, एक ओर वे बलूचिस्तान के संसाधनों का सौदा चीन के साथ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हीं संसाधनों का इस्तेमाल अमेरिका को भ्रमित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि ट्रंप प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

पाकिस्तानी सेना को बताया वैश्विक खतरा

डॉ. तारा चंद ने आरोप लगाया कि जिस तरह मादुरो सरकार पर ड्रग तस्करी, हथियारों की तस्करी और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगे, उसी तरह पाकिस्तानी सेना भी कट्टरपंथ को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी बड़ा खतरा है।

बलूचिस्तान में हत्याओं और अत्याचार के आरोप

अपने बयान के अंत में डॉ. तारा चंद ने कहा कि आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान में रोज़ाना लोगों की हत्या और दमन कर रही है। उन्होंने मांग की कि इन कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराया जाए। उनके अनुसार, बलूचिस्तान के लोगों को न्याय, आज़ादी और अपनी ज़मीन व संसाधनों पर अधिकार मिलना चाहिए।