Badrinath Temple News: बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा मामले में सख्त कदम, BKTC अध्यक्ष के निजी सचिव पर गिरी गाज

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा मामले में BKTC ने बड़ा कदम उठाते हुए अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद हुई इस कार्रवाई ने मंदिर प्रशासन से जुड़े कई सवालों को चर्चा में ला दिया है। जानिए पूरा मामला और कार्रवाई की वजह।

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा मामले में सख्त कदम

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 7, 2026

Badrinath Temple News: उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बद्रीनाथ धाम से जुड़े चढ़ावा प्रबंधन मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह फैसला मंदिर समिति में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

BKTC की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि प्रमोद नौटियाल के खिलाफ उनके पद से जुड़े कार्यों के निर्वहन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए समिति ने आगे की कार्रवाई शुरू की।

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कारण बताओ नोटिस के बाद जांच समिति का गठन

मामले को लेकर प्रमोद नौटियाल को 3 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के माध्यम से उनसे आरोपों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया।

जांच समिति को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह सभी तथ्यों, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के जवाबों का परीक्षण कर मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे। समिति ने जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट BKTC प्रशासन को सौंप दी।

जांच में प्रथम दृष्टया आरोप पाए गए सही

BKTC के अनुसार, प्रमोद नौटियाल द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण और जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद जांच समिति ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि यदि संबंधित अधिकारी को वर्तमान पद पर बनाए रखा जाता है तो जांच प्रक्रिया प्रभावित होने की संभावना हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए निलंबन का निर्णय लिया गया।

ज्योतिर्मठ कार्यालय से किया गया संबद्ध

निलंबन आदेश के बाद प्रमोद नौटियाल को BKTC कार्यालय ज्योतिर्मठ, जनपद चमोली से संबद्ध कर दिया गया है। अब आगे की विभागीय कार्रवाई निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ यदि नियमों के उल्लंघन या अनियमितता के मामले सामने आते हैं तो नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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BKTC ने पारदर्शी व्यवस्था पर दिया जोर

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक संस्थानों में से एक है और बद्रीनाथ व केदारनाथ मंदिरों की व्यवस्थाओं का संचालन करती है। समिति ने इस कार्रवाई के माध्यम से यह संदेश दिया है कि मंदिर प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

चढ़ावा व्यवस्था और मंदिर प्रशासन में विश्वास बनाए रखने के लिए समय-समय पर निगरानी और जांच की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसी क्रम में निजी सचिव के खिलाफ की गई यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।