Back Pain: आज की बदलती जीवनशैली में लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधि कम होना और गलत तरीके से बैठने जैसी आदतें कमर पर असर डाल सकती हैं। कमर के निचले हिस्से का दर्द बेहद आम समस्या है। अलग-अलग अध्ययनों में जीवन में कभी न कभी कमर दर्द होने का अनुमान करीब 60 से 80 प्रतिशत तक बताया गया है। वहीं, भारत में उपलब्ध अध्ययनों की व्यवस्थित समीक्षा और कई अध्ययनों के आंकड़ों के समेकित विश्लेषण में जीवन में कभी न कभी कमर के निचले हिस्से में दर्द होने की व्यापकता करीब 66 प्रतिशत पाई गई।
लंबे समय तक बैठना क्यों बन सकता है परेशानी?
लगातार एक ही स्थिति में बैठे रहने से शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है और गलत बैठने की मुद्रा कमर तथा आसपास की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। विशेषज्ञ संस्थाएं कमर दर्द के प्रबंधन और रोकथाम में नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ वजन, अच्छी नींद और शरीर के अनुकूल कार्यस्थल की व्यवस्था को महत्वपूर्ण मानती हैं।

खासकर कार्यालय में बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठना, चलना और शरीर को सक्रिय रखना उपयोगी आदत हो सकती है।
कमर दर्द में कौन-सी कसरत मदद कर सकती हैं?
कमर दर्द के लिए हर व्यक्ति के लिए एक ही कसरत उपयुक्त नहीं होती। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार कुछ खींचाव और मांसपेशियों को मजबूत करने वाली कसरतें कमर तथा उसे सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूत करने और असहजता कम करने में मदद कर सकती हैं। इनमें घुटने को छाती की ओर लाने वाली कसरत जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से कमर दर्द से परेशान है या हाल में कमर में चोट लगी है, तो कसरत शुरू करने से पहले डॉक्टर या भौतिक चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।
सिर्फ कसरत ही नहीं, इन आदतों पर भी दें ध्यान
कमर को स्वस्थ रखने के लिए रोजमर्रा की आदतों में छोटे बदलाव भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ वजन बनाए रखना, अच्छी नींद और कार्यस्थल को शरीर के अनुकूल बनाना कमर दर्द से निपटने में मदद कर सकता है।
इसलिए लगातार कई घंटे बैठने के बजाय काम के दौरान छोटे-छोटे अंतराल में उठना, थोड़ा चलना, शरीर को सक्रिय रखना और बैठने की मुद्रा पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

हर कमर दर्द को केवल थकान या गलत तरीके से बैठने का नतीजा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर दर्द लगातार बना रहे, बहुत ज्यादा हो, पैर तक फैल रहा हो या दूसरे असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है। कमर दर्द के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह महत्वपूर्ण है।










