UP News: आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के आठ वर्ष और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश में राज्य स्तरीय वार्षिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 7 अक्टूबर, बुधवार को लखनऊ में प्रस्तावित है। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को और गति देना है। कार्यक्रम के दौरान योजना के बेहतर क्रियान्वयन, पात्र लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
आयुष्मान भारत योजना के बेहतर क्रियान्वयन करने वालों को मिलेगा सम्मान

बताते चले कि, समारोह के पहले सत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जनपदों, अधिकारियों, कर्मचारियों, फील्ड लेवल वर्कर्स, ऑपरेटर्स और अस्पतालों को सम्मानित किया जाएगा। साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के मुताबिक, आयुष्मान कार्ड बनाने, पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने, कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान दिया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को एबीडीएम से सफलतापूर्वक जोड़ने वाले अस्पतालों और संबंधित कार्मिकों को भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
अस्पतालों में इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड को बढ़ावा देने की तैयारी

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े अस्पतालों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और हैंड-होल्डिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी के अनुसार, इस सत्र में अस्पतालों के कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड यानी ईएचआर तैयार करने और उसे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। अस्पतालों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए ईएचआर और एबीडीएम इंटीग्रेशन की प्रक्रिया को मजबूत करना इस प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य होगा।
ईएचआर जनरेशन और डिजिटल हेल्थ इंटीग्रेशन की दी जाएगी जानकारी
प्रदेश में बड़ी संख्या में अस्पताल पहले ही आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़ चुके हैं। हालांकि, कई अस्पतालों में इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने और उसे डिजिटल मिशन से जोड़ने की प्रक्रिया को और बेहतर करने की आवश्यकता है। तकनीकी सत्र में अस्पतालों को ईएचआर जनरेशन, एबीडीएम इंटीग्रेशन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य अस्पतालों को निर्धारित मानकों के अनुरूप काम करने में सहायता देना है। साथ ही पात्र अस्पतालों को गुणवत्ता आधारित प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी तैयार किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिले और अस्पतालों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए। इसी दिशा में अस्पतालों को ऑनलाइन प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और नियमित हैंड-होल्डिंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
आयुष्मान भारत और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी

राज्य सरकार के मुताबिक, आने वाले समय में भी योजना से जुड़े अस्पतालों और कर्मचारियों को तकनीकी सहयोग दिया जाता रहेगा। इसका उद्देश्य आयुष्मान भारत योजना, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को और मजबूत करना है। लखनऊ में होने वाला राज्य स्तरीय समारोह इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के जरिए बेहतर काम करने वाले अस्पतालों और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहन देने के साथ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर रहेगा। इससे प्रदेश में पात्र लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और अस्पतालों की डिजिटल क्षमता को और मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।










