UP Flood: अयोध्या में सरयू का जलस्तर बढ़ा, राहत शिविरों में पहुंचाए गए बाढ़ प्रभावित लोग

अयोध्या में भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण सरयू नदी उफान पर है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से रुदौली, सोहावल और सदर तहसील के दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने राहत शिविरों में लोगों को पहुंचाया है और राशन, भोजन व पशु चारे की व्यवस्था की है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 1, 2026

UP Flood: अयोध्या में लगातार हो रही भारी बारिश और नेपाल की ओर से छोड़े गए पानी के कारण सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने से जिले में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। रुदौली, सोहावल और सदर तहसील के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से ग्रामीणों के सामने सुरक्षित स्थानों पर जाने की स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की टीमें ग्रामीणों तक जरूरी सामान पहुंचाने के साथ ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं।

भारी बारिश और नेपाल से पानी छोड़ने के बाद बिगड़े हालात

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जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के अनुसार, पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और नेपाल की तरफ से छोड़े गए पानी के कारण सरयू नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हुई है। लगातार पानी बढ़ने से नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। डीएम ने बताया कि आज सरयू के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका है। हालांकि प्रशासन के लिए राहत की बात यह है कि इसके बाद जलस्तर में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन संभावित परिस्थितियों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रहा है।

रुदौली, सोहावल और सदर तहसील के गांव बाढ़ की चपेट में

अयोध्या बाढ़ से रुदौली, सोहावल और सदर तहसील के कई गांव प्रभावित हुए हैं। खासकर नदी और बांध के बीच बसे निचले इलाकों में पानी का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रभावित लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है, जहां उनके लिए भोजन, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जरूरत पड़ने पर और लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा।

बाढ़ प्रभावित परिवारों और पशुओं के लिए राहत सामग्री तैयार

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सरयू बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। तीनों प्रभावित तहसीलों में परिवारों के लिए सूखा राशन और तैयार भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बाढ़ के कारण ग्रामीणों को अपने मवेशियों के लिए परेशानी न उठानी पड़े। राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोगों के लिए बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं और भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक टीमें जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों की स्थिति का आकलन कर रही हैं।

जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचकर ले रहे ग्रामीणों का हाल

अयोध्या बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने 24 घंटे निगरानी व्यवस्था सक्रिय कर रखी है। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। अधिकारियों की ओर से जलस्तर, गांवों की स्थिति और राहत कार्यों की लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं और उनकी समस्याओं की जानकारी ले रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं।

अगले एक-दो दिनों में पानी घटने की उम्मीद

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल किसी बड़े स्तर की अव्यवस्था या शिकायत की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन की टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि अगले एक से दो दिनों में सरयू नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो सकता है। पानी घटने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि, तब तक प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया है।