Ayodhya Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी पर बड़ा खुलासा! केजरीवाल ने लगाए गंभीर आरोप

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित चोरी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज में 40 दिनों में 70 बार चोरी के सबूत मिले हैं। उन्होंने जमीन खरीद में घोटाले और टेंडर में कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Ayodhya Ram Mandir Donation Row

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 3, 2026

Ayodhya Ram Mandir Donation Row: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित चोरी को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखे हमले करते हुए दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज से 40 दिनों के भीतर 70 बार चोरी होने के प्रमाण मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि साक्ष्यों को मिटाने के उद्देश्य से आठ महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी गई है। केजरीवाल ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सीधे निशाने पर लेते हुए उन्हें प्रधानमंत्री का करीबी बताया।

गोवा में भक्तों की आस्था और घोटाले पर केजरीवाल की चिंता

गोवा के दौरे पर मीडिया से मुखातिब होते हुए केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश भर के सनातनियों ने अपनी गाढ़ी कमाई से दिल खोलकर दान दिया था। उन्होंने गोवा के लोगों की धार्मिक भावना का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर में हुए कथित भ्रष्टाचार और चढ़ावा चोरी की खबरों से करोड़ों राम भक्त आहत हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को जनता की श्रद्धा के साथ किया गया विश्वासघात करार दिया।

‘लूली-लंगड़ी एसआईटी’ और जांच की निष्पक्षता पर सवाल

केजरीवाल ने इस मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी (SIT) को पूरी तरह से ‘गैर-कानूनी’ और ‘बेअसर’ बताया। उन्होंने पूर्व आयकर अधिकारी होने का हवाला देते हुए कहा कि बिना एफआईआर दर्ज किए एसआईटी का गठन करना कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस एसआईटी के पास न तो रेड मारने की शक्ति है, न ही किसी को गिरफ्तार करने का अधिकार। उन्होंने इसे केवल मामले की लीपापोती करने वाली एक ‘लूली-लंगड़ी’ जांच टीम करार दिया।

जमीन घोटाले से दान की हेराफेरी का खौफनाक खुलासा

केजरीवाल ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि राम मंदिर के नाम पर वित्तीय अनियमितताएं 2021 से ही शुरू हो गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के आभूषण, चांदी की ईंटें और करोड़ों का नकद दान चोरी हुआ है। साथ ही, उन्होंने जमीन खरीद में भारी घोटाले का आरोप लगाया। उनके अनुसार, 14 करोड़ रुपये की जमीन को 95 करोड़ रुपये में खरीदा गया और टेंडर प्रक्रिया में भी 40 फीसदी कमीशनखोरी की गई है। केजरीवाल के पास मौजूद दस्तावेजों का हवाला देते हुए यह कहा गया कि यह चंदे के पैसे की सुनियोजित लूट है।

मोदी सरकार और ट्रस्ट की जवाबदेही पर खड़ा किया संकट

अंत में, अरविंद केजरीवाल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार द्वारा किया गया था और चंपत राय जैसे लोग सीधे पीएम के करीबी हैं। उन्होंने पूछा कि क्या यह संभव है कि मंदिर में चल रही इतनी बड़ी चोरी की जानकारी सरकार को न हो? केजरीवाल ने आशंका जताई कि इस मामले में गवाहों को डराया जा रहा है और सबूतों को मिटाकर दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जो हर राम भक्त के लिए एक बड़ा सवाल है।