Ayodhya Ram Mandir: कौन है अब्दुल अहद शेख? राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश पर बवाल

अयोध्या में बड़ी साजिश या मानसिक स्थिति? राम मंदिर के प्रतिबंधित क्षेत्र में नमाज की कोशिश करने वाले कश्मीरी युवक का सच! राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा घेरे को पार करने की कोशिश करने वाले अब्दुल अहद शेख को यूपी पुलिस ने दबोच लिया है। कश्मीर के कुपवाड़ा के रहने वाले इस शख्स के पास से क्या मिला और उसका असली मकसद क्या था? जांच एजेंसियों की पूछताछ में जो सामने आया, उसने सबके होश उड़ा दिए हैं।

Ayodhya Ram Mandir

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 10, 2026

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Ayodhya Ram Mandir:  अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश करने वाले संदिग्ध व्यक्ति की पहचान अब सार्वजनिक हो गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में आरोपी का नाम अब्दुल अहमद शेख सामने आया है। आरोपी के पास से बरामद किए गए आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के अनुसार, वह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है। शनिवार को हुई इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात सुरक्षा बलों के बीच हड़कंप मचा दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अकेले ही इस कृत्य में शामिल था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।

दक्षिणी परकोटे पर नमाज की कोशिश और श्रद्धालुओं की सतर्कता

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे के समीप घटित हुई। बताया जा रहा है कि अब्दुल अहमद शेख वहां चुपचाप बैठकर नमाज पढ़ने की मुद्रा में आ गया था। उस समय वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मौजूद थे। कुछ जागरूक श्रद्धालुओं की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, उन्होंने तुरंत मामले की गंभीरता को समझा और वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को इसकी सूचना दी। सुरक्षा बलों ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर आरोपी को अपनी गिरफ्त में ले लिया। हालांकि, अभी तक इस विशिष्ट स्थान (दक्षिणी परकोटे) को लेकर जिला प्रशासन या मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सांप्रदायिक नारेबाजी और सुरक्षा बलों के साथ तीखी बहस

घटना के समय मौजूद चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों का कहना है कि जब सुरक्षाकर्मियों ने अब्दुल को नमाज पढ़ने से रोका और उसे वहां से हटाने की कोशिश की, तो वह उग्र हो गया। पकड़े जाने के बाद आरोपी ने वहां मौजूद भीड़ के सामने एक संप्रदाय विशेष के नारे लगाने शुरू कर दिए। उसकी इस हरकत ने वहां के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत उसे वहां से हटाकर एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया। मंदिर परिसर में इस तरह की नारेबाजी और धार्मिक गतिविधि को सुरक्षा में एक बड़ी सेंध के रूप में देखा जा रहा है।

अन्य संदिग्धों की तलाश: क्या यह कोई सुनियोजित समूह था?

पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। कुछ अपुष्ट सूत्रों और पुलिस सूत्रों का अंदेशा है कि मंदिर परिसर में केवल अब्दुल ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य लोगों ने भी अलग-अलग स्थानों पर नमाज पढ़ने या धार्मिक अशांति फैलाने की कोशिश की थी। पुलिस अब मंदिर के भीतर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब्दुल के साथ और कौन-कौन लोग अयोध्या आए थे। पुलिस को शक है कि यह एक सुनियोजित समूह की हरकत हो सकती है जिसका उद्देश्य मंदिर की शांति को भंग करना था।

खुफिया एजेंसियों का कड़ा पहरा और गहन पूछताछ

हिरासत में लिए गए अब्दुल अहमद शेख से पूछताछ के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया ब्यूरो (IB) और उत्तर प्रदेश की एटीएस (ATS) के आला अधिकारी अयोध्या पहुंच गए हैं। आरोपी से उसके अयोध्या आने के उद्देश्य, उसके संपर्क सूत्रों और उसके पिछले रिकॉर्ड के बारे में बारीकी से सवाल पूछे जा रहे हैं। फिलहाल जिला प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले पर कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करने से परहेज किया है। अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है तथा श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग की प्रक्रिया को भी सख्त बनाया गया है।

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