Ayodhya Hindu New Year 2026: उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में इस बार हिंदू नववर्ष का पहला दिन भव्य और आध्यात्मिक माहौल में मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर साधु-संतों और श्रद्धालुओं द्वारा रामकोट की परिक्रमा निकाली जाएगी। इस अवसर पर पूरे शहर में धर्म ध्वज फहराने और दीप प्रज्वलित करने का आह्वान भी किया गया है।
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संत और श्रद्धालुओं का सामूहिक आयोजन

नव संवत्सर की पूर्व संध्या यानी 18 मार्च की शाम संत-महंत, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामकोट की परिक्रमा में शामिल होंगे। इस आयोजन में अयोध्या के स्थानीय लोग और दूर-दूर से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेंगे। इस दौरान संत समाज और श्रद्धालु भगवान श्रीराम से देश, समाज और सनातन धर्म की उन्नति के लिए प्रार्थना करेंगे। साथ ही नया वर्ष सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए, ऐसी कामनाएं भी की जाएंगी।
21 वर्षों से चली आ रही परंपरा
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के अनुसार, रामकोट परिक्रमा की यह परंपरा पिछले 21 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर संत-महंत और श्रद्धालु पहले मतगजेंद्र मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे, जिसके बाद वहीं से रामकोट परिक्रमा की शुरुआत होगी। इस आयोजन में संत समाज और श्रद्धालुओं की भागीदारी इसे अत्यंत धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है।
हर घर में दीप प्रज्वलित और धर्म ध्वज फहराने का आह्वान
राम मंदिर ट्रस्ट ने नव संवत्सर के अवसर पर अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में धर्म ध्वज फहराने और हर घर में दीप प्रज्वलित करने का आह्वान किया है। इसके अलावा, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के उपलक्ष्य में पूरे शहर के मंदिरों और घरों में धर्म ध्वज फहराए जाने की अपील की गई है। यह आयोजन लोगों में धार्मिक भावनाओं को जागृत करने और सनातन धर्म के प्रति आस्था बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन बनता है।
आयोजन की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्थाएं
अयोध्या में इस आयोजन को भव्य और सफल बनाने के लिए आयोजकों द्वारा लगातार बैठकें की जा रही हैं। जन जागरण के माध्यम से लोगों को जानकारी दी जा रही है और उनमें देशभक्ति तथा धार्मिक चेतना को बढ़ावा दिया जा रहा है। आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन से सहयोग लिया जा रहा है। इसके तहत भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
अयोध्या में हिंदू नववर्ष का पहला दिन इस बार भव्य और धार्मिक रूप से मनाया जाएगा। रामकोट परिक्रमा, दीप प्रज्वलन और धर्म ध्वज फहराने के आयोजन से शहर का हर कोना उत्सव और श्रद्धा के माहौल में डूब जाएगा। संत-महंत और श्रद्धालुओं की भागीदारी इसे अत्यंत आध्यात्मिक बना देती है। आयोजक और प्रशासन सुनिश्चित कर रहे हैं कि नववर्ष का यह पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, जिससे अयोध्या का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और बढ़े।










