World Cup 2027 : ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम की मशहूर और बेहद आक्रामक तेज गेंदबाजी तिकड़ी— पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड— इस समय चोटों और अत्यधिक वर्कलोड मैनेजमेंट की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इन तमाम शारीरिक दिक्कतों के बावजूद, ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन को इस बात का पूरा भरोसा है कि ये तीनों दिग्गज गेंदबाज साल 2027 में होने वाले आगामी वनडे (ODI) वर्ल्ड कप में टीम की गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडॉनल्ड ने इस विषय पर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान जारी किया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई टीम की भविष्य की रणनीति और दूरदर्शी सोच पूरी तरह साफ हो गई है।
आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज से आराम, खिलाड़ियों की खेलने की थी इच्छा
ऑस्ट्रेलिया की पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली आगामी व्हाइट-बॉल (सीमित ओवरों की) सीरीज के लिए इस स्टार पेस तिकड़ी को टीम में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) इन अनुभवी खिलाड़ियों के शारीरिक वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए उन्हें पर्याप्त आराम दे रहा है, ताकि वे आने वाले सालों के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीजन में पूरी तरह फिट और तरोताजा रह सकें। कोच मैकडोनाल्ड ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का खुलासा किया कि ये तीनों ही खिलाड़ी इन दोनों सीरीज में खेलने के बेहद इच्छुक थे, लेकिन टीम के दीर्घकालिक हितों को देखते हुए प्रबंधन ने उन्हें जबरन आराम देने का कठिन फैसला किया।
साल 2027 के महाकुंभ तक गेंदबाजों को फिट रखना सबसे बड़ी चुनौती
मुख्य कोच मैकडोनाल्ड ने अपनी योजना को समझाते हुए कहा कि उन्हें अच्छी तरह पता है कि आम लोग और प्रशंसक केवल मौजूदा मैचों को देखते हैं और तुरंत सवाल उठाने लगते हैं कि ये दिग्गज खिलाड़ी मैदान पर क्यों नहीं खेल रहे हैं? उन्होंने आगे विस्तार से बताते हुए कहा, “लेकिन अगर आप साल 2027 के वर्ल्ड कप से पीछे की ओर मुड़कर देखें और भविष्य के व्यस्त शेड्यूल पर नजर डालें, तो यह हमारे पास आखिरी ऐसा बड़ा ब्रेक है जिसमें हम इन गेंदबाजों के शरीर और फिटनेस पर काम कर सकते हैं। हमारा लक्ष्य इन्हें 2027 तक पूरी तरह फिट रखना है।” ऑस्ट्रेलियाई कोच ने माना कि अगले दो सालों तक इस उम्रदराज तिकड़ी को चोटमुक्त रखना आसान नहीं होगा।
खेल विज्ञान और मेडिकल टीम के कंधों पर होगी बहुत बड़ी जिम्मेदारी
एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा कि क्रिकेट प्रशंसकों को टीम मैनेजमेंट के काम करने के अनोखे तरीके पर भरोसा रखना होगा ताकि हम इन मैच-विजेता खिलाड़ियों को बिना किसी बड़ी चोट के वर्ल्ड कप तक सुरक्षित पहुंचा सकें। यह रणनीति हमारे लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होने वाली है, खासकर हमारी शानदार स्पोर्ट्स साइंस और अनुभवी मेडिकल टीम के लिए, जिन्होंने लंबे समय से इन खिलाड़ियों के पुनर्वास (रिहैब) पर बेहतरीन काम किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण ऑस्ट्रेलिया अपनी सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजी यूनिट को बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स के लिए हमेशा तैयार रख पाएगा।
खिलाड़ियों की मर्जी नहीं, भविष्य के शेड्यूल के आधार पर होते हैं फैसले
कोच ने टीम चयन को लेकर फैले भ्रम को दूर करते हुए आगे कहा कि आम जनता के बीच अक्सर एक गलतफहमी बनी रहती है कि बड़े खिलाड़ी खुद यह तय करते हैं कि उन्हें कौन सी सीरीज खेलनी है और कौन सी नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी फैसले भविष्य के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल को ध्यान में रखकर मैनेजमेंट द्वारा लिए जाते हैं और खिलाड़ी इन्हें खुद नहीं चुनते हैं। ये खिलाड़ी देश के लिए हमेशा मैदान पर उतरना चाहते हैं, लेकिन एक प्रबंधन के तौर पर हमें नहीं लगता कि लगातार क्रिकेट खेलने के लिहाज से अभी उनके लिए मैदान पर उतरने का सबसे सही समय है।
IPL का वर्कलोड और 2023 वर्ल्ड कप की सफल रणनीति का उदाहरण
गौरतलब है कि ये तीनों तेज गेंदबाज हाल ही में संपन्न हुए आईपीएल 2026 (IPL 2026) का हिस्सा रहे हैं, जिसके कारण उनके शरीर पर काफी थकान थी। मिचेल स्टार्क का आईपीएल अभियान दिल्ली कैपिटल्स के लीग चरण से बाहर होने के साथ ही समाप्त हो गया था, और उनके वर्कलोड को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया लगातार मॉनिटर कर रहा था। वहीं, कप्तान पैट कमिंस अपनी पीठ की स्ट्रेस इंजरी से उबर रहे हैं, जबकि जोश हेजलवुड पिछले कुछ समय से हैमस्ट्रिंग की चोट से परेशान रहे हैं। मैकडोनाल्ड ने अंत में 2023 वर्ल्ड कप का उदाहरण देते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया पहले भी ऐसी परिस्थितियों को सफलतापूर्वक संभाल चुका है और इस बार भी वे इतिहास दोहराएंगे।
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