श्रद्धालु ध्यान दें: मैहर मां शारदा मंदिर का रोपवे 10 दिनों के लिए बंद, दर्शन का नया तरीका अपनाएं

मैहर मध्य प्रदेश के मैहर जिले में त्रिकुट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दरबार में हाजिरी लगाने की योजना बना रहे भक्तों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी है। आगामी चैत्र नवरात्रि के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन ने बड़ा निर्णय लेते हुए रोपवे सेवा को 10 दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है। आज 5 मार्च 2026 से 14 मार्च 2026 तक रोपवे का संचालन जरूरी मेंटेनेंस कार्य के चलते पूर्णतः स्थगित रहेगा। प्री-नवरात्रि मेंटेनेंस किया जा रहा दरअसल, इस साल चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च (गुरुवार) से प्रारंभ होकर 27 मार्च (शुक्रवार) तक चलेगा।

Wrriten By :

Editor

Published On :

मार्च 5, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

मैहर

मध्य प्रदेश के मैहर जिले में त्रिकुट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दरबार में हाजिरी लगाने की योजना बना रहे भक्तों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी है। आगामी चैत्र नवरात्रि के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन ने बड़ा निर्णय लेते हुए रोपवे सेवा को 10 दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है। आज 5 मार्च 2026 से 14 मार्च 2026 तक रोपवे का संचालन जरूरी मेंटेनेंस कार्य के चलते पूर्णतः स्थगित रहेगा।
प्री-नवरात्रि मेंटेनेंस किया जा रहा

दरअसल, इस साल चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च (गुरुवार) से प्रारंभ होकर 27 मार्च (शुक्रवार) तक चलेगा। मैहर की एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि नवरात्रि के इन नौ दिनों में देशभर से लाखों की तादाद में दर्शनार्थी मैहर पहुंचते हैं। इस भारी भीड़ के कारण रोपवे पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई भी चूक न हो, इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्री-नवरात्रि मेंटेनेंस किया जा रहा है।
सीढ़ियों से चढ़कर करने होंगे दर्शन

रोपवे बंद रहने के इन 10 दिनों के दौरान माता रानी के दर्शन के लिए भक्तों को 1063 सीढ़ियों का सफर तय करना होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शारदा एक्सप्रेस वैन सेवा लगातार उपलब्ध रहेगी। लेकिन, भक्तों को यह ध्यान रखना होगा कि वैन से जाने के बाद भी अंतिम हिस्से की कुछ दूरी उन्हें पैदल ही तय करनी पड़ेगी।
NDRF की हरी झंडी के बाद शुरू होगी सेवा

एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि 10 दिन के इस व्यापक मरम्मत कार्य के बाद सुरक्षा मानकों की कड़ी टेस्टिंग होगी। इसके लिए एनडीआरएफ की विशेष टीम रोपवे की बारीकी से जांच करेगी। टीम द्वारा सभी मानकों को सुरक्षित पाए जाने और क्लीयरेंस (हरी झंडी) मिलने के बाद ही 15 मार्च 2026 से रोपवे सेवा श्रद्धालुओं के लिए पुनः बहाल कर दी जाएगी।
दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील

मंदिर प्रबंधन ने सभी दर्शनार्थियों से अपील की है कि वे अपनी मैहर यात्रा की रूपरेखा इसी जानकारी को ध्यान में रखकर तय करें। किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

Leave a Comment

2