
Atiq Ahmed 3 Property : माफिया अतीक अहमद की हत्या के साढ़े तीन साल बाद भी उसकी कथित अवैध और बेनामी संपत्तियों को लेकर कार्रवाई जारी है। सोमवार को प्रयागराज में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, भीटी यानी असदुल्लापुर इलाके में करीब 11 बीघा जमीन पर फैले 14 भूखंड कुर्क किए गए हैं। प्रशासन ने इन भूखंडों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये बताई है।
भीटी इलाके में 14 भूखंडों पर प्रशासन की कार्रवाई
कुर्की की कार्रवाई के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने नियमानुसार मुनादी कराई और जमीन पर सरकारी कुर्की संबंधी बोर्ड लगाए। बताया गया है कि संबंधित संपत्तियों पर कार्रवाई प्रयागराज पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेश के बाद की गई। इस अभियान में कैंट और एयरपोर्ट थाना पुलिस के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। प्रशासन का उद्देश्य संपत्ति पर कानूनी नियंत्रण स्थापित करना है।

शाइस्ता परवीन के लिए फार्महाउस बनाने की चर्चा
कार्रवाई के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, इस जमीन पर अतीक अहमद की फरार पत्नी शाइस्ता परवीन के लिए आलीशान फार्महाउस बनाने की योजना होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस कथित योजना से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। जमीन की लोकेशन को भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है, क्योंकि यह प्रयागराज एयरपोर्ट से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
यूनाइटेड मेडिसिटी के आसपास स्थित है जमीन
बताया गया है कि कुर्क की गई जमीन के आसपास यूनाइटेड मेडिसिटी जैसी बड़ी संस्थागत इमारतें मौजूद हैं। मौके पर कई बड़े खजूर के पेड़ भी दिखाई देते हैं। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग आराजी नंबरों वाली जमीन पर कथित तौर पर अतीक के सहयोगियों ने कब्जा कर रखा था। अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद इन भूखंडों पर सरकारी कुर्की की सूचना प्रदर्शित कर दी गई है।


मदनलाल भारतीय के नाम दर्ज होने का दावा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अतीक अहमद ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कथित तौर पर लोगों को डराया-धमकाया और जमीन कम कीमत पर हासिल की थी। इसके बाद संपत्ति अनुसूचित जाति के मदनलाल भारतीय के नाम पर दर्ज कराई गई थी। पुलिस इसे बेनामी संपत्ति मानकर कार्रवाई कर रही है। इस मामले में लगाए गए आरोपों और जमीन के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर की जानी चाहिए।
अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, इस संपत्ति से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट धूमनगंज थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य और तत्कालीन एसडीएम सदर अभिषेक सिंह की ओर से शासन को भेजी गई थी। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर कुर्की की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। अधिकारियों का कहना है कि अतीक के कथित आर्थिक नेटवर्क से जुड़ी संपत्तियों की जांच अभी जारी है।
पहले भी करोड़ों की संपत्तियों पर हुई कार्रवाई
अतीक अहमद की 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भी उससे और उसके परिवार से जुड़ी संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई जारी रही। दिए गए विवरण के मुताबिक, जुलाई 2026 में अतीक, उसके भाई अशरफ और शाइस्ता परवीन से जुड़ी 345 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों और बैंक खातों पर भी कार्रवाई की गई थी। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि कथित नेटवर्क के जरिए अन्य कितनी संपत्तियां दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज कराई गई थीं।
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