Assam Election 2026 : प्रियंका गांधी ने कामाख्या मंदिर में टेका माथा, जानें कब आएगी कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची

असम की नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित शक्तिपीठ कामाख्या देवी के दरबार में प्रियंका गांधी की हाजिरी ने 2026 के चुनावी समर को गर्मा दिया है। गौरव गोगोई के साथ रणनीति बनाते हुए प्रियंका ने साफ कर दिया है कि पहली सूची में सिर्फ जीतने वाले चेहरों को ही जगह मिलेगी। क्या कांग्रेस का यह नया अवतार बीजेपी को चुनौती दे पाएगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 19, 2026

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Assam Election 2026 : कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा इन दिनों असम के महत्वपूर्ण दो दिवसीय दौरे पर हैं। आगामी विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों को धार देने के उद्देश्य से उनका यह दौरा राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है। दौरे के दूसरे दिन, गुरुवार (19 फरवरी) को प्रियंका गांधी ने गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या देवी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। नीलांचल पहाड़ियों पर स्थित इस प्राचीन मंदिर में दर्शन के दौरान उनके साथ असम कांग्रेस के दिग्गज नेता और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रियंका की इस धार्मिक यात्रा को राज्य के मतदाताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

“मैं भगवान से कभी कुछ मांगती नहीं”: पत्रकारों के सवाल पर प्रियंका का जवाब

कामाख्या मंदिर में दर्शन के बाद जब प्रियंका गांधी बाहर निकलीं, तो पत्रकारों ने उनसे उनकी मनोकामना के बारे में सवाल किया। एक पत्रकार ने पूछा, “मैम, आज आप दर्शन के लिए आई हैं, देवी मां से क्या मांगेंगी?” इस पर प्रियंका ने बहुत ही शालीनता और स्पष्टता के साथ जवाब देते हुए कहा, “मैं कभी मांगती नहीं हूं भगवान से।” उनका यह संक्षिप्त उत्तर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। प्रियंका का यह अंदाज उनकी आध्यात्मिक सोच और राजनीतिक गरिमा को दर्शाता है। मंदिर परिसर में उनके समर्थकों की भारी भीड़ देखी गई, जो ‘कांग्रेस जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे।

टिकटों का बंटवारा: मार्च के पहले सप्ताह तक आएगी 80 उम्मीदवारों की लिस्ट

असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने चुनाव की रणनीतिक तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में तेजी ला रही है। गोगोई के अनुसार, कांग्रेस मार्च के पहले सप्ताह तक लगभग 80 उम्मीदवारों के नामों की पहली सूची जारी कर देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य इकाई को सख्त निर्देश दिए हैं कि फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत तक उम्मीदवारों का नाम फाइनल कर लिया जाए ताकि उन्हें प्रचार के लिए पर्याप्त समय मिल सके। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जीतने की क्षमता (Winnability) को प्राथमिक मानदंड बनाया गया है।

बीजेपी से आगे कांग्रेस का ‘महाजोत’: गठबंधन की तस्वीर हुई साफ

असम चुनाव के लिए कांग्रेस ने एक मजबूत विपक्षी गठबंधन तैयार किया है। गौरव गोगोई ने दावा किया कि गठबंधन के मामले में कांग्रेस सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से काफी आगे निकल चुकी है। इस ‘महाजोत’ में कांग्रेस के साथ माकपा, रायजोर दल, असम जातीय परिषद (AJP), भाकपा, भाकपा (ML) लिबरेशन, जातीय दल-असम (जेडा) और कार्बी आंगलोंग की क्षेत्रीय पार्टी ‘ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस’ (APHLC) शामिल हैं। गोगोई का मानना है कि क्षेत्रीय दलों के साथ यह तालमेल बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने और एंटी-इंकंबेंसी का लाभ उठाने में मददगार साबित होगा।

संगठनात्मक बैठकें और चुनावी फीडबैक: प्रियंका गांधी का व्यस्त शेड्यूल

कांग्रेस के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि प्रियंका गांधी का यह दौरा केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है। वह पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कर रही हैं। इसके अलावा, वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा नियुक्त तीन वरिष्ठ पर्यवेक्षकों से भी मुलाकात करेंगी। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्य की प्रत्येक सीट पर जमीनी हकीकत जानना और स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय लेना है। प्रियंका गांधी इन पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर अपनी रणनीतिक सलाह केंद्रीय चुनाव समिति को देंगी, जिससे असम में कांग्रेस की वापसी का मार्ग प्रशस्त हो सके।

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