Assam CRPF Camp Firing: असम के CRPF कैंप में ASI की फायरिंग, 3 जवानों की मौत, मचा हड़कंप

असम के नगांव स्थित CRPF कैंप में ASI द्वारा कथित फायरिंग की घटना ने सुरक्षा बलों में चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार दो जवानों की मौके पर मौत हुई और एक अन्य की बाद में मौत की खबर सामने आई। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

Assam CRPF Camp Firing

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 4, 2026

Assam CRPF Camp Firing: असम के नगांव जिले के कतिमारी स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) कैंप में सोमवार को हुई गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को झकझोर दिया। कैंप परिसर के भीतर हुई इस घटना में एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) द्वारा कथित रूप से अपने ही साथियों पर गोली चलाने से तीन जवानों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे कैंप में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं तथा पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई।

सर्विस राइफल से साथियों पर की गई फायरिंग

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कतिमारी स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने अचानक अपनी सर्विस राइफल से साथी जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस अप्रत्याशित घटना में जवान रामनवल सिंह यादव और विष्णु प्रसाद बघेल गंभीर रूप से घायल हो गए। कैंप के अन्य जवानों ने तुरंत उन्हें बचाने और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। अचानक हुई इस घटना से कैंप के भीतर मौजूद जवानों में दहशत फैल गई और कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

फायरिंग के बाद एएसआई की भी हुई मौत

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, साथी जवानों पर गोली चलाने के बाद एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने कथित रूप से स्वयं को भी गोली मार ली। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी भी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस प्रकार इस दुखद घटना में कुल तीन जवानों की जान चली गई। वहीं एक अन्य जवान गोविंद श्रीपुल भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें तत्काल नगांव के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

घटनास्थल पर पहुंचीं सुरक्षा एजेंसियां

गोलीबारी की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। पूरे कैंप को सुरक्षा घेरे में लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही कैंप के अन्य जवानों से भी पूछताछ कर घटना के क्रम को समझने का प्रयास किया जा रहा है।

घटना के कारणों की कई पहलुओं से जांच

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एएसआई ने अपने साथियों पर गोली क्यों चलाई। जांच एजेंसियां इस मामले में सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार व्यक्तिगत विवाद, मानसिक तनाव, ड्यूटी से जुड़ी परिस्थितियां या अन्य किसी कारण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने आएगी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।

सुरक्षा बलों में शोक का माहौल

इस दर्दनाक घटना के बाद सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के बीच शोक का माहौल है। अपने साथियों की असामयिक मृत्यु से जवानों में गहरा दुख देखा गया। सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने घायल जवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है तथा मृत जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। घटना ने सुरक्षा बलों के भीतर कार्यरत कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और मनोवैज्ञानिक सहायता जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया है।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरी घटना की विस्तृत जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह और परिस्थितियों का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। वहीं घायल जवान का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा बलों के भीतर अनुशासन के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन की आवश्यकता को गंभीरता से सामने ला दिया है।

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