
Asian Para Games: जापान के आइची-नागोया शहर में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 का शुक्रवार को रंगारंग और भव्य समापन हो गया। नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित इस समापन समारोह के साथ ही एक सप्ताह तक चले महाकुंभ का औपचारिक समापन संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में भारतीय दल ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक अपने नाम किए और अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारत की ओर से दोहरे स्वर्ण पदक विजेता निषाद कुमार और स्टार शूटर मोना अग्रवाल ने इस गरिमापूर्ण समापन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक की भूमिका निभाई।
इस बार भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक सहित कुल 114 पदकों पर कब्जा जमाया। इस शानदार उपलब्धि के साथ भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में बनाए गए अपने पिछले सभी रिकॉर्डों को पीछे छोड़ दिया। इन खेलों में 45 देशों और क्षेत्रों के लगभग 4,000 खिलाड़ियों और उनके सहयोगी स्टाफ ने हिस्सा लिया था। जापान की धरती पर पहली बार आयोजित इन खेलों में भारतीय दल का दबदबा देखने को मिला।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और देश भर में जश्न का माहौल

भारतीय खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक और गौरवशाली सफलता पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गहरी प्रसन्नता और गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि 114 पदकों का यह आंकड़ा उनकी कड़ी मेहनत, अटूट दृढ़ता और बुलंद आत्मविश्वास का सीधा परिणाम है। उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि देश के दिव्यांग खिलाड़ियों की यह सफलता आने वाली युवा पीढ़ी को बड़े सपने देखने, पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ने और जीवन की हर चुनौती का डटकर मुकाबला करने की प्रेरणा देगी। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया के जरिए पूरे भारतीय दल को अपनी शुभकामनाएं दीं।

पैरा एथलेटिक्स और पैरा बैडमिंटन में भारत का जलवा

इस महामुकाबले में भारत के लिए पैरा एथलेटिक्स सबसे सफल और पदक दिलाने वाली स्पर्धा साबित हुई। एथलेटिक्स में भारत ने 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य सहित कुल 65 पदक जीते। दो बार के पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में 72.46 मीटर का शानदार थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके अलावा प्रणव सूरमा ने क्लब थ्रो में गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण जीता, जबकि हनी और संदीप ने भी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश को स्वर्ण पदक दिलाए।
पैरा बैडमिंटन में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए कुल 16 पदक जीते, जिसमें तीन स्वर्ण, पांच रजत और आठ कांस्य पदक शामिल हैं। पुरुष एकल मुकाबले में नितेश कुमार ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं महिला युगल वर्ग में थुलासिमथि मुरुगेसन और मानसी जोशी की जोड़ी ने चीन की मजबूत जोड़ी को हराकर स्वर्ण अपने नाम किया।
शूटिंग, तीरंदाजी और भविष्य की राह (2030 दोहा)

पैरा शूटिंग में मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस स्पर्धा में 357.5 अंक हासिल कर न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि नया विश्व और एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इसके साथ ही तीरंदाजी, तैराकी, टेबल टेनिस और पावरलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कुल मिलाकर कई पदक देश की झोली में डाले। जापान के इस सफल आयोजन के बाद अब एशियन पैरा गेम्स का अगला संस्करण वर्ष 2030 में कतर की राजधानी दोहा में आयोजित किया जाएगा।
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