Asian Games 2026: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने पुरुष हॉकी में एशियन गेम्स का लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीता है। फाइनल मुकाबले में शुरुआत में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दबदबा कायम कर लिया। मलेशिया की टीम को लगातार दबाव में रखते हुए भारत ने कुल 14 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए।
भारत ने जीता पांचवां एशियन गेम्स हॉकी गोल्ड

मलेशिया के खिलाफ 5-1 की जीत भारतीय हॉकी के लिए ऐतिहासिक रही। पुरुष हॉकी में यह भारत का एशियन गेम्स इतिहास का पांचवां स्वर्ण पदक है। इससे पहले पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया ही लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का गोल्ड मेडल बरकरार रखने में सफल रहे थे। अब भारत भी इस खास उपलब्धि वाले देशों की सूची में शामिल हो गया है। भारतीय टीम ने पिछले संस्करण में जीते स्वर्ण पदक को बरकरार रखते हुए एशियन गेम्स में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई।
पहले क्वार्टर में बराबरी, भारत और मलेशिया के बीच दिखी कड़ी टक्कर
फाइनल के शुरुआती 15 मिनट में दोनों टीमों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। मलेशिया और भारत ने एक-दूसरे पर लगातार दबाव बनाया और पहला क्वार्टर 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। मलेशिया की ओर से शेलो सिल्वेरियस ने गोल किया। भारतीय टीम ने भी जवाबी हमला करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। शुरुआती क्वार्टर के बाद मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ नजर आया, लेकिन दूसरे क्वार्टर से भारतीय टीम ने खेल की गति और आक्रामकता दोनों बढ़ा दी।
हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर से बरसाए गोल
दूसरे क्वार्टर में भारत ने अपनी रणनीति को और आक्रामक किया। भारतीय खिलाड़ियों ने मलेशियाई डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए दो गोल दागे, जबकि जुगराज सिंह ने भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम की बढ़त मजबूत की। भारत ने पूरे मुकाबले में 14 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, जो उसकी आक्रामकता और मलेशिया पर बनाए गए दबाव को दर्शाता है।
शिलानंद लाकड़ा का फील्ड गोल
भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा ने मैच में शानदार फील्ड गोल किया। वहीं हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल करके भारतीय टीम की बढ़त को और मजबूत कर दिया। पहले हाफ के अंत तक भारत ने 2-1 की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने मलेशिया को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। भारत ने इस दौरान तीन और गोल करते हुए मुकाबले को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया।
दूसरे हाफ में भारत का दबदबा, मलेशिया गोल के लिए तरसा

पहले हाफ तक मुकाबला 2-1 था, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी पूरी तरह बदल गई। भारतीय टीम ने लगातार हमले किए और मलेशिया के डिफेंस को दबाव में रखा। भारत की ओर से दूसरे हाफ में तीन गोल किए गए, जबकि मलेशियाई टीम को गोल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। भारतीय डिफेंस ने भी बेहतरीन तालमेल दिखाया और मलेशिया को अतिरिक्त गोल करने का मौका नहीं दिया। आखिरकार भारत ने 5-1 की बड़ी जीत के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया।
भारत ने ओलंपिक 2028 का टिकट किया पक्का
भारत की इस स्वर्णिम जीत का एक और बड़ा फायदा हुआ है। पुरुष हॉकी में गोल्ड मेडल जीतने के साथ भारतीय टीम ने ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। यानी एशियन गेम्स की यह जीत भारत के लिए सिर्फ पदक तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे लॉस एंजिल्स ओलंपिक की राह भी साफ हो गई है। भारतीय हॉकी टीम अब अगले ओलंपिक की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।
मलेशिया को सिल्वर मेडल, पाकिस्तान ने जीता हॉकी ब्रॉन्ज
फाइनल में भारत से 1-5 से हारने वाली मलेशियाई टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं पाकिस्तान ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। पुरुष हॉकी में पाकिस्तान एशियन गेम्स का सबसे सफल देश है और उसके नाम आठ स्वर्ण पदक हैं। भारत और दक्षिण कोरिया अब पांच-पांच गोल्ड के साथ उसके बाद आते हैं।
भारत की मेडल टेबल में बड़ी छलांग

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारत के एशियन गेम्स 2026 में कुल पदकों की संख्या 85 हो गई है। इनमें 21 स्वर्ण पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में उज्बेकिस्तान को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। उज्बेकिस्तान के खाते में भी 21 गोल्ड हैं, लेकिन कुल पदकों और रजत पदकों के आंकड़े में भारत आगे है। हॉकी का गोल्ड भारत के लिए पदक तालिका में भी अहम साबित हुआ है।










