Asian Games 2026: डोपिंग ने रोका एशियन गेम्स का रास्ता, भारत का मेडल दावेदार बाहर

एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय कुश्ती को बड़ा झटका लगा है। मेडल के दावेदार दीपक के सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने के बाद WFI ने उनका नाम वापस ले लिया। आखिर कौन सा पदार्थ मिला, NADA की जांच में क्या सामने आया और भारत की मेडल उम्मीदों पर इसका कितना असर पड़ेगा?

डोपिंग ने रोका एशियन गेम्स का रास्ता

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 10, 2026

Asian Games 2026: जापान की मेजबानी में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स से पहले भारतीय दल को बड़ा झटका लगा है। भारत के ग्रीको-रोमन रेसलर दीपक डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद उन्हें एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है। दीपक से पहले भी मुकुल दहिया और दीपांशु जैसे भारतीय पहलवान डोपिंग मामले के कारण एशियाई खेलों से बाहर हो चुके हैं।

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चयन ट्रायल के दौरान सैंपल में मिला प्रतिबंधित पदार्थ

नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी यानी NADA की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, चयन ट्रायल के दौरान लिए गए दीपक के यूरिन सैंपल में क्लोमिफीन नामक पदार्थ पाया गया। वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी यानी WADA की प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में क्लोमिफीन को S4 हार्मोन और मेटाबोलिक मॉड्यूलेटर श्रेणी में रखा गया है।

NADA के अनुसार इस मामले का पता पहली बार 23 जुलाई को चला था। जांच में दीपक के सैंपल का परिणाम असामान्य पाया गया। इसके बाद पूरे मामले की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। 17 अगस्त को दीपक का इंटरव्यू भी लिया गया, जिसके बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया।

क्लोमिफीन का इस्तेमाल किसलिए होता है?

क्लोमिफीन का इस्तेमाल किसलिए होता है?
क्लोमिफीन का इस्तेमाल किसलिए होता है?

क्लोमिफीन एक ऐसी दवा या औषधीय पदार्थ है जिसका इस्तेमाल पुरुषों और महिलाओं में बांझपन के इलाज के लिए किया जाता है। हालांकि खेलों में इसके इस्तेमाल को लेकर एंटी डोपिंग नियम काफी सख्त हैं और इसे प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल किया गया है।

शानदार प्रदर्शन के बाद मिली थी एशियन गेम्स की जगह

दीपक ने पिछले कुछ महीनों में शानदार प्रदर्शन किया था। उनके प्रदर्शन को देखते हुए ही उन्हें भारतीय दल में जगह मिली थी। खास बात यह है कि दीपक भारतीय डाक सेवा में कार्यरत हैं और इस विभाग से एशियन गेम्स के लिए चुने जाने वाले इतिहास के पहले पहलवान बने थे। ऐसे में डोपिंग मामले के कारण उनका एशियन गेम्स से बाहर होना भारतीय कुश्ती और खुद दीपक के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

फिलहाल सस्पेंड नहीं हुए हैं दीपक

इस मामले में दीपक के लिए फिलहाल एक राहत की बात भी सामने आई है। उन्हें अभी तक सस्पेंड नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि मौजूदा स्थिति में उन्हें दूसरे आयोजनों में हिस्सा लेने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि अगर आगे की प्रक्रिया में उन्हें एंटी डोपिंग नियमों का दोषी पाया जाता है, तो उन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। अगर दीपक दोषी पाए जाते हैं तो 31 मई 2026 को लिए गए उनके सैंपल की तारीख से उनके मुकाबलों के परिणामों को अयोग्य घोषित किए जाने की संभावना भी बन सकती है।

एशियन गेम्स में संभावित भारी जुर्माने से बचने का फैसला

एशियन गेम्स में संभावित भारी जुर्माने से बचने का फैसला
एशियन गेम्स में संभावित भारी जुर्माने से बचने का फैसला

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के एक अधिकारी के मुताबिक, संभावित भारी जुर्माने से बचने के लिए दीपक को एशियन गेम्स से हटाया गया है। अधिकारी के अनुसार, यदि खेलों के दौरान उनका डोपिंग टेस्ट पॉजिटिव आता तो यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) की ओर से उन पर 20 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता था।

सप्लीमेंट्स को लेकर भी उठे सवाल

NADA के मुताबिक दीपक ने डोपिंग कंट्रोल फॉर्म में किसी प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन से संबंधित जानकारी नहीं दी थी। जांच के दौरान उन्होंने कुछ सप्लीमेंट्स के इस्तेमाल की बात कही, लेकिन उन सप्लीमेंट्स से संबंधित बिल, रसीद या अन्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। फिलहाल दीपक का एशियन गेम्स से बाहर होना भारत के लिए बड़ा झटका है। आगे की जांच और प्रक्रिया के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि उनके खिलाफ कोई अतिरिक्त कार्रवाई या प्रतिबंध लगाया जाता है या नहीं।

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