अशोकनगर में शादी में प्री-वेडिंग शूट और गोल्ड गिफ्ट पर बैन, 1 लाख रुपये का जुर्माना होगा

अशोकनगर  आधुनिकता की दौड़ में शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ती फिजूलखर्ची व दिखावा कल्चर को रोकने सिख समाज ने क्रांतिकारी पहल की है। प्री-वेडिंग शूट व शादी में लडक़ी पक्ष की तरफ से सोने के उपहार दिए जाने पर रोक लगा दी है। यदि किसी ने निर्णय नहीं माना तो एक लाख रु. तक जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। शहर के गुरुसिंह सभा गुरुद्वारे में सिख समाज की अहम मुद्दों पर बैठक हुई। सामाजिक व पारिवारिक कार्यक्रमों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर गहन चर्चा हुई। विवाह समारोह में बढ़ते दिखावे और अनावश्यक खर्च पर चिंता जताई। साथ ही निर्णय

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Published On :

जनवरी 17, 2026

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अशोकनगर 

आधुनिकता की दौड़ में शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ती फिजूलखर्ची व दिखावा कल्चर को रोकने सिख समाज ने क्रांतिकारी पहल की है। प्री-वेडिंग शूट व शादी में लडक़ी पक्ष की तरफ से सोने के उपहार दिए जाने पर रोक लगा दी है। यदि किसी ने निर्णय नहीं माना तो एक लाख रु. तक जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। शहर के गुरुसिंह सभा गुरुद्वारे में सिख समाज की अहम मुद्दों पर बैठक हुई। सामाजिक व पारिवारिक कार्यक्रमों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर गहन चर्चा हुई। विवाह समारोह में बढ़ते दिखावे और अनावश्यक खर्च पर चिंता जताई।

साथ ही निर्णय लिया कि विवाह के दौरान लड़की पक्ष की ओर से लड़के पक्ष को सोने की अंगूठी या किसी प्रभार के सोने के आभूषण उपहार स्वरूप नहीं दिए जाएंगे, क्योंकि इससे परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ता है और असमानता भी बढ़ती है।

चेतावनीः निर्णय का पालन नहीं तो भारी भरकम जुर्माना

गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रधान सतपालसिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में इस तरह के कठोर व आवश्यक निर्णय लेना जरूरी है। जो भी व्यक्ति या परिवार इन निर्णयों का पालन नहीं करेगा, उस पर जुर्माने का प्रावधान रखा जाएगा। जिसकी राशि नियमों के उल्लंघन अनुसार 5100 रुपए से लेकर एक लाख रु. तक होगी।

समाज ने यह भी लिए निर्णय

    शादी में हल्दी-मेंहदी रस्म अत्यधिक खर्चीली हो रही है, जिन्हें सादगी, पवित्र संबंध और मर्यादा के साथ मनाने का निर्णय लिया।
    शादी में प्री-वेडिंग शूट व फोटो शूट को भी समाज के मूल्यों के विरुद्ध माना जाता है, जिस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा।
    शोक पर फिजूलखर्ची रोकने का निर्णय, लंगर गुरुमत मर्यादा अनुसार सादा रखा जाए, अनावश्यक खर्च व दिखावे से बचें।

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