Ashok Kharat Case Controversy: शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राऊत ने पाखंडी बाबा अशोक खरात मामले को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में एक बड़ा भूचाल ला दिया है। राऊत ने इस प्रकरण में सीधे तौर पर राज्य की सत्ताधारी पार्टी के कद्दावर नेताओं और देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम घसीटते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर बेहद तेज हो गया है।
संजय राऊत ने साधा सत्ता पक्ष पर निशाना
संजय राऊत ने राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सत्ताधारी दल के अन्य बड़े नेताओं पर तीखे सवाल दागे हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए मांग की है कि इस बात की बहुत गहराई से और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि आखिर एक पाखंडी बाबा का संपर्क देश के गृह मंत्री अमित शाह तक कैसे पहुंचा?
राऊत ने जोर देकर कहा कि खरात के सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेताओं के साथ बेहद करीबी रिश्ते रहे हैं, और इन्हीं हाई-प्रोफाइल संपर्कों की वजह से यह पूरा मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील हो गया है। उन्होंने मांग की है कि खरात के संपर्क में रहने वाले सभी राजनीतिक चेहरों का पर्दाफाश होना चाहिए।
विपक्षी दलों की बड़ी मांग
इस पूरे मामले में अब विपक्षी दल पूरी तरह से आक्रामक मोड में आ गए हैं। शरद पवार गुट (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार) के प्रदेश प्रवक्ता विकास लवांडे ने बाबा खरात के अपराधों को बेहद गंभीर करार दिया है।
लवांडे का आरोप है कि खरात अकेले इस सिंडिकेट को नहीं चला रहा था, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा रसूखदार नेटवर्क काम कर रहा है। उन्होंने एनसीपी (अजित पवार गुट) के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे और पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष रूपाली चाकणकर पर खरात को सीधा संरक्षण देने का आरोप लगाया है। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार इन्हें इस मामले में सह-आरोपी बनाए और तुरंत सलाखों के पीछे भेजे।
सुषमा अंधारे का सीधा वार
शिवसेना (यूबीटी) की तेजतर्रार उपनेता सुषमा अंधारे ने भी इस विवाद में कूदते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर और रूपाली चाकणकर को अपने निशाने पर लिया है। अंधारे ने मीडिया के सामने कुछ पुरानी तस्वीरें उजागर कीं, जिनमें दीपक केसरकर के साथ बाबा खरात और एक अन्य व्यक्ति नजर आ रहा है।
उन्होंने तीखे लहजे में सवाल पूछा कि आखिर केसरकर के बगल में खड़ा वह रहस्यमयी शख्स कौन है, जो मंत्री अतुल सावे के साथ भी दिखाई दे रहा है? अंधारे ने दावा किया कि वह व्यक्ति जगदंब पतसंस्था का चेयरमैन है। इसी के साथ उन्होंने केसरकर को चुनौती दी है कि वे उन सभी 39 नेताओं के नामों को सार्वजनिक करें जो इस पूरे मामले और नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।









