Ashish Banerjee Death: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से राजनीतिक हलकों में सनसनी फैल गई है। उनका शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित उनके घर के पास पार्टी कार्यालय में लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी सामने आते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
पार्टी कार्यालय में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार, आशीष बनर्जी का शव रामपुरहाट के हट्टलपारा इलाके में स्थित पार्टी कार्यालय में मिला। उनका घर भी इसी कार्यालय के नजदीक है। सुबह जब घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
शव के पास मिला कथित सुसाइड नोट
जांच के दौरान पुलिस को शव के पास से एक कथित सुसाइड नोट भी मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पुलिस इस नोट में लिखी बातों और उसकी प्रामाणिकता की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के आधार पर ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
रामपुरहाट पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस फिलहाल घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इस संबंध में अभी अंतिम तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ममता सरकार में संभाल चुके हैं कई अहम पद
आशीष बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के पुराने और प्रभावशाली नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं। वे स्कूल शिक्षा मंत्री, कृषि मंत्री और आयुष मंत्री के पद पर भी रह चुके थे। इसके अलावा 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें विधानसभा का उपसभापति बनाया गया था।
रामपुरहाट से पांच बार विधायक रहे बनर्जी
आशीष बनर्जी रामपुरहाट विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने गए थे। लंबे समय तक क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहने के कारण उनका स्थानीय स्तर पर मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता था। तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में उन्होंने संगठन और सरकार दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों में शोक की लहर है।
2026 विधानसभा चुनाव में मिली थी हार
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस ने आशीष बनर्जी को रामपुरहाट सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बीजेपी के उम्मीदवार ध्रुव साहा ने उन्हें चुनाव में पराजित किया। इसके बाद क्षेत्र की राजनीति में आशीष बनर्जी की सक्रियता और संगठनात्मक भूमिका को लेकर भी बदलाव देखने को मिले।
अनुब्रत मंडल के करीबी नेताओं में थे शामिल
बीरभूम की जिला राजनीति में आशीष बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल का करीबी माना जाता था। लंबे समय तक उन्होंने पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, राज्य में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद उन्होंने जून में रामपुरहाट जिला तृणमूल अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था।
पार्टी संगठन से भी दिया था इस्तीफा
जिला अध्यक्ष पद छोड़ने के साथ ही आशीष बनर्जी ने बीरभूम तृणमूल कांग्रेस की कोर कमेटी की सदस्यता भी छोड़ दी थी। उनके इस फैसले के बाद जिले की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। अब उनकी संदिग्ध मौत के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। कथित सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य जांच के आधार पर ही मौत की असली वजह सामने आएगी। मामले को लेकर फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।
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