Youtuber Arun Panwar: मशहूर ऑटोमोबाइल यूट्यूबर अरुण पंवार इन दिनों अपनी किसी कार रिव्यू के लिए नहीं, बल्कि अपनी शादी से जुड़े एक विवादित वीडियो के कारण सुर्खियों में हैं। इंस्टाग्राम पर वायरल हुए उनके लग्न समारोह के एक वीडियो ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में भारी भरकम नकदी और सोने का प्रदर्शन किया गया है, जिसे ‘दहेज’ के बजाय ‘दान’ का नाम दिया गया है। इस दिखावे के बाद नेटिजन्स अरुण पंवार को जमकर ट्रोल कर रहे हैं और समाज में गलत उदाहरण पेश करने का आरोप लगा रहे हैं।
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लग्जरी कारों के रिव्यू से मिली पहचान
बताते चले कि, अरुण पंवार ने ऑटोमोबाइल जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। BCA की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने साल 2019 में अपने यूट्यूब सफर की शुरुआत की थी। वह अपने चैनल पर कारों के विस्तृत रिव्यू, नए फीचर्स, माइलेज टेस्ट और ड्राइविंग एक्सपीरियंस साझा करते हैं। उनकी सरल भाषा और बेबाक अंदाज के कारण आज यूट्यूब पर उनके 2.41 मिलियन सब्सक्राइबर्स और इंस्टाग्राम पर 9 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। युवाओं के बीच लोकप्रिय अरुण पंवार का इस तरह विवादों में आना उनके फैंस के लिए भी चौंकाने वाला है।
वायरल वीडियो और ‘दहेज नहीं दान’ का विवाद
आपको बता दे कि, विवाद की जड़ वह वीडियो है जिसे अरुण पंवार ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल @arunpanwarx से साझा किया है। वीडियो में एक घोषणा सुनी जा सकती है जिसमें स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि यह ‘दहेज’ नहीं बल्कि केवल ‘दान’ है। इस ‘दान’ की सूची में 71 लाख रुपये नकद और 21 तोला सोना शामिल है। अरुण ने कैप्शन में भी “दहेज नहीं दान” लिखकर इसे सही ठहराने की कोशिश की, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स को यह शब्दावली रास नहीं आई। लोगों का कहना है कि बड़ी रकम को ‘दान’ का नाम देकर दहेज प्रथा को बढ़ावा देना निंदनीय है।
सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई यूजर्स ने कमेंट किया कि एक प्रभावशाली व्यक्तित्व होने के नाते अरुण को ऐसी प्रथाओं से दूरी बनानी चाहिए थी। कुछ यूजर्स ने व्यंग्य करते हुए लिखा, “बिकने के लिए बधाई,” तो कुछ ने “दूल्हा बिक गया” जैसे कमेंट्स किए। वहीं, गंभीर चर्चाओं में कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दहेज को ‘दान’ बताकर महिमामंडन करने के आरोप में यूट्यूबर पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। आलोचकों का तर्क है कि ऐसे वीडियो समाज में गलत संदेश भेजते हैं और दहेज जैसी कुप्रथा को ‘मर्यादा’ और ‘दान’ के नाम पर जीवित रखते हैं।
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