लश्कर आतंकियों की तलाश में सेना का मेगा सर्च ऑपरेशन, राजौरी के जंगलों पर आसमान से नजर

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुरक्षाबलों का आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन पिछले छह दिनों से जारी है. सूत्रों के अनुसार, 2 से 3 शीर्ष लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी जंगल के इलाके में छिपे हुए हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षाबलों ने गुरुवार सुबह पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि राजौरी के गंभीर मुगलान इलाके में कुछ आतंकियों को छिपे होने का इनपुट मिला था. इसके आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त रूस आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है जो छठे दिन भी जारी है. सूत्रों का कहना है कि इस

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Published On :

मई 28, 2026

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 श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुरक्षाबलों का आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन पिछले छह दिनों से जारी है. सूत्रों के अनुसार, 2 से 3 शीर्ष लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी जंगल के इलाके में छिपे हुए हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षाबलों ने गुरुवार सुबह पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि राजौरी के गंभीर मुगलान इलाके में कुछ आतंकियों को छिपे होने का इनपुट मिला था. इसके आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त रूस आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है जो छठे दिन भी जारी है. सूत्रों का कहना है कि इस इलाके में 2 से 3 लश्कर के आतंकी छिपे हुए हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल ने किया सैन्य क्षेत्र का दौरा
आतंकवाद विरोधी इस बड़े ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने बुधवार को खुद इस सैन्य क्षेत्र का दौरा किया था. उन्होंने अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों से मुलाकात की और कमान संभाल रहे अधिकारियों के साथ जारी काउंटर टेरर ऑपरेशन की रणनीतिक समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच सुबह करीब साढ़े 11 बजे भीषण मुठभेड़ हुई थी, जिसमें सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घने जंगल वाले इलाके से खदेड़ दिया।

इस बेहद घने जंगल क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों से निपटने के लिए सेना द्वारा आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है. अत्याधुनिक ड्रोन और सैन्य हेलिकॉप्टरों के जरिए पूरे जंगल के कोने-कोने पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि छिपे हुए आतंकियों को भागने का कोई मौका न मिले।

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