सेना दिवस पर जयपुर में अर्जुन टैंक और धनुष तोप का शानदार प्रदर्शन

जयपुर  आज भारतीय सेना दिवस पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अनुशासन की झलक जयपुरवासियों को देखने को मिली. परेड में खासतौर पर भारतीय सेना के जवानों ने मार्च-पास्ट से लेकर आसमान में हेलीकॉप्टर की फ्लाई-पास्ट का भव्य प्रदर्शन किया, जिससे महला रोड पर पूरी तरह देशभक्ति का माहौल बना रहा. परेड के दौरान भारतीय सेना के भव्य हथियारों, जिनमें अर्जुन टैंक, के-9 वज्र, धनुष तोप, बीएमपी, सिलिका जैसे अत्याधुनिक हथियारों और बख्तरबंद वाहनों का प्रदर्शन किया गया. भारतीय सेना के भव्य हथियारों में शामिल उन स्वदेशी हथियारों पर ध्यान केंद्रित किया,

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Published On :

जनवरी 15, 2026

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जयपुर
 आज भारतीय सेना दिवस पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अनुशासन की झलक जयपुरवासियों को देखने को मिली. परेड में खासतौर पर भारतीय सेना के जवानों ने मार्च-पास्ट से लेकर आसमान में हेलीकॉप्टर की फ्लाई-पास्ट का भव्य प्रदर्शन किया, जिससे महला रोड पर पूरी तरह देशभक्ति का माहौल बना रहा. परेड के दौरान भारतीय सेना के भव्य हथियारों, जिनमें अर्जुन टैंक, के-9 वज्र, धनुष तोप, बीएमपी, सिलिका जैसे अत्याधुनिक हथियारों और बख्तरबंद वाहनों का प्रदर्शन किया गया. भारतीय सेना के भव्य हथियारों में शामिल उन स्वदेशी हथियारों पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्हें भारतीय सेना की सबसे खास ताकत माना जाता है.

ऐसे खास हथियारों को लेकर सेना की भव्य प्रदर्शनी में सेना के जवानों से बातचीत की गई. जवानों ने बताया कि भारतीय सेना के हथियारों में वैसे तो सभी हथियार बेहद खास हैं, लेकिन उनमें अर्जुन मार्क-1 टैंक और धनुष तोप विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, जो पूरी तरह भारत में बने हैं. अपनी खास खूबियों के चलते ये हथियार सेना के लिए सबसे महत्वपूर्ण हथियारों में से एक माने जाते हैं. अर्जुन मार्क-1 टैंक अपनी जबरदस्त फायर पावर, मजबूत कवच (आर्मर) से मिलने वाली सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है. वहीं धनुष तोप भारतीय सेना की स्वदेशी आर्टिलरी ताकत है, जिसमें डिजिटल कंट्रोल सिस्टम और ऑटोमैटिक गन लेइंग जैसी आधुनिक तकनीकों के चलते यह सेना के लिए बेहद खास मानी जाती है.

जबरदस्त फायर पावर और मजबूत कवच के लिए फेमस है अर्जुन टैंक

 भारतीय सेना के जवान बताते हैं कि अर्जुन मार्क-1 टैंक हाइड्रोलिक सिस्टम के कारण रेगिस्तान से लेकर सड़कों तक चलने में सक्षम है. अर्जुन मार्क-1 टैंक भारत का स्वदेशी मेन बैटल टैंक है, जिसे खासतौर पर भारतीय सेना के लिए तैयार किया गया है, जो युद्ध के समय सेना के लिए खासा मददगार साबित होता है. यह टैंक विशेष रूप से अपनी जबरदस्त फायर पावर, मजबूत कवच से मिलने वाली सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है. टैंक में ऐसा फायर कंट्रोल सिस्टम लगा है, जिसके चलते यह 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलते हुए भी दिन, रात या किसी भी मौसम में सटीक निशाना लगाने में सक्षम है. इसी टैंक का नया वर्जन अर्जुन मार्क-1A 72 नए फीचर्स और सुधारों के साथ सेना में शामिल किया गया है, जिससे इसकी परफॉर्मेंस और भरोसेमंद क्षमता पहले से बेहतर हुई है.

जवान बताते हैं कि अगर इसकी बनावट और खासियत की बात करें तो अर्जुन टैंक को डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया है. इसमें 4 सैनिक बैठकर इसे संचालित करते हैं, इसकी लंबाई 10,640 मिमी और चौड़ाई 3,866 मिमी है, जबकि इसकी ऊंचाई 3,030 मिमी है. इसका वजन 62.5 टन है, जिसके चलते यह भारतीय सेना के सबसे भारी टैंकों के बेड़े में शामिल है. इसकी मुख्य तोप 120 मिमी की है, जो जबरदस्त फायर पावर प्रदान करती है. टैंक में खासतौर पर विमान-रोधी मशीन गन भी लगी है, जिसके चलते हवाई हमलों के समय भी टैंक से फायर किया जा सकता है, इस टैंक की मारक क्षमता 5 किलोमीटर तक है.

भारतीय सेना की स्वदेशी आर्टिलरी ताकत है धनुष

 सेना के जवान बताते हैं कि अर्जुन टैंक के अलावा भारतीय सेना के पास स्वदेशी आर्टिलरी ताकत के रूप में धनुष तोप भी है, जो डिजिटल कंट्रोल सिस्टम और ऑटोमैटिक गन लेइंग जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है. जवान बताते हैं कि धनुष तोप मध्यम गन श्रेणी का हथियार है, जो कई किलोमीटर तक चलने में सक्षम है। इसका वजन 12.7 टन है. धनुष तोप खासतौर पर 30 डिग्री दाएं-बाएं और -3 डिग्री से 70 डिग्री तक ऊंचाई में फायर करने में सक्षम है. इसके अलावा धनुष तोप की मैन फायरिंग दर की बात करें तो यह 15 सेकंड में 3 राउंड और 60 मिनट में 60 राउंड की तीव्र गति से फायर करने में सक्षम है. धनुष में लगी तोप 155 मिमी/45 कैलिबर की है, जो 38 से 40 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने में सक्षम है.

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