पापमोचनी एकादशी व्रत रख रहे हैं? इन गलतियों से रहें सावधान, नहीं मिलेगा पूरा फल

चैत्र का महीना चल रहा है. इस माह में कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं. इन्हीं में शामिल है पापमोचनी एकादशी का व्रत. हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाता है. ये व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. साथ ही व्रत किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि पापमोचनी एकदाशी का व्रत करने से जाने अनजाने में किए गए सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. भगवान विष्णु की कृपा से घर में सुख-समृद्धि का आगमन

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Published On :

मार्च 12, 2026

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चैत्र का महीना चल रहा है. इस माह में कई व्रत और त्योहार पड़ते हैं. इन्हीं में शामिल है पापमोचनी एकादशी का व्रत. हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाता है. ये व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. साथ ही व्रत किया जाता है.

धार्मिक मान्यता है कि पापमोचनी एकदाशी का व्रत करने से जाने अनजाने में किए गए सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. भगवान विष्णु की कृपा से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है, लेकिन अगर इस व्रत के नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो इसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता. यही कारण है इस एकादशी के नियमों का कठोरता से पालन किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पापमोचनी एकादशी के दिन कौन सी गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए?

कब है पापमोचनी एकादशी?

दृक पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च को सुबह 8 बजकर 10 मिनट से शुरू हो रही है. इस तिथि का समापन 15 मार्च 2026 को सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा. व्रत का पारण 16 मार्च को सुबह 6 बजकर 54 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट के बीच किया जा सकता है.

पापमोचनी एकादशी के दिन न करें ये गलतियां

चावल खाना: एकादशी के दिन चावल खाना मना है. पौराणिक कथाओं में चावल का संबंध रेंगने वाले जीव से बताया गया है. मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से चंचलता बढ़ती है और व्रत का सात्विक प्रभाव कम होता है.

क्रोध और वाद-विवाद: इस दिन किसी पर क्रोध करने, अपशब्द बोलने या किसी की बुराई करने से बचें. ऐसा करने से संचित पुण्य नष्ट हो जाते हैं.

तुलसी तोड़ना: एकादशी के दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ना वर्जित होता है. ऐसे में पूजा के लिए तुलसी एकादशी के एक दिन पहले तोड़कर रख लें.

दिन में सोना: व्रत के दौरान दिन में सोने से बचें. क्योंकि इससे व्रत का प्रभाव कम होता है. इसके बजाय इस समय भगवत गीता का पाठ या मंत्र जाप करें.

तामसिक भोजन: पापमोचनी एकादशी के दिन लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन भूलकर भी न करें.

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