Aparna Prateek Yadav Divorce: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव के बीच तलाक के ऐलान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। यह मामला अब सिर्फ एक पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन चुका है। जैसे ही यह खबर सामने आई, प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई।
कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने तलाक के फैसले को “संगत का असर” बताते हुए बीजेपी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति का असर अब परिवारों तक पहुंच रहा है और इसके गंभीर नतीजे सामने आ रहे हैं।कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने बयान देते हुए कहा, “भारतीय जनता पार्टी की संगत में बड़े-बड़े परिवार नष्ट हो गए। पहले भाजपा ने मुलायम सिंह यादव के परिवार में विग्रह करवाया और अब अपर्णा यादव व प्रतीक यादव के परिवार में भी दरार डालने की कोशिश की जा रही है।” उन्होंने इस घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भाजपा की भूमिका पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस का आरोप: दूसरों के परिवार नहीं रहने देती बीजेपी
सुरेंद्र राजपूत ने अपने बयान में आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी में ज्यादातर नेताओं के अपने पारिवारिक मूल्य नहीं होते और वे दूसरों के परिवारों को भी चैन से नहीं रहने देते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां किसी परिवार में आग लगी हो, वहां पानी डालने के बजाय भाजपा पेट्रोल डालने का काम करती है। कांग्रेस के मुताबिक, खराब संगत का नतीजा यही होता है कि हंसता-खेलता परिवार तलाक की कगार पर पहुंच जाता है।
प्रतीक यादव का सोशल मीडिया पोस्ट बना विवाद की जड़
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा कर अपर्णा यादव से जल्द तलाक लेने की घोषणा की। इस पोस्ट में उन्होंने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें स्वार्थी बताया। प्रतीक ने लिखा कि वह जल्द ही “इस मतलबी औरत” से तलाक लेने जा रहे हैं, क्योंकि उसकी वजह से उनके परिवार के रिश्ते खराब हो गए हैं।प्रतीक यादव ने अपनी पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि अपर्णा यादव सिर्फ मशहूर और असरदार बनना चाहती हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी “बुरी औरत” कभी नहीं देखी और यह उनकी बदकिस्मती है कि उनसे उनकी शादी हुई। इस बयान ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं।
दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
इस पूरे मामले में फिलहाल प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रतीक की सोशल मीडिया पोस्ट के अलावा दोनों में से किसी ने भी मीडिया के सामने अपनी बात नहीं रखी है, जिससे अटकलों का दौर और तेज हो गया है।गौरतलब है कि अपर्णा यादव ने साल 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश महिला आयोग में उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। ऐसे में उनका निजी विवाद राजनीतिक रंग लेता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।










