Anil Agarwal Donation: बेटे के निधन के बाद अनिल अग्रवाल का बड़ा संकल्प, 75 फीसदी संपत्ति दान करेंगे

बेटे अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन ने अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल को झकझोर कर रख दिया है। न्यूयॉर्क में हुए इस दुखद हादसे के बाद 'मेटल किंग' ने एक ऐसा संकल्प लिया है जिसने पूरी दुनिया को भावुक कर दिया। आखिर क्या था वो वादा जो उन्होंने अपने बेटे से किया था और अब वह अपनी 75% संपत्ति किसे सौंपेंगे? जानिए इस हृदयस्पर्शी फैसले के पीछे की पूरी कहानी!

Anil Agarwal Donation

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 8, 2026

Anil Agarwal Donation:  वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल इन दिनों अपनी निजी जिंदगी के सबसे दर्दनाक दौर से गुजर रहे हैं। उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने उन्हें और उनके परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। इस असहनीय पीड़ा के बीच अनिल अग्रवाल ने एक बार फिर ऐसा फैसला दोहराया है, जिसने देशभर का ध्यान खींचा है। उन्होंने ऐलान किया है कि वह अपनी कुल कमाई का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज सेवा में दान करेंगे।

दुख के बीच दोहराया बड़ा सामाजिक संकल्प

अनिल अग्रवाल ने कहा है कि अब उनकी शेष जिंदगी सादगी और समाज के कल्याण के लिए समर्पित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला कोई नया नहीं है, बल्कि वह इसे पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं। बेटे के जाने के बाद इस संकल्प को उन्होंने और दृढ़ता से अपनाने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि संपत्ति का सही उपयोग समाज को लौटाने में ही है।

बेटे अग्निवेश से किया था भावुक वादा

अपने एक भावुक संदेश में अनिल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने यह वादा अपने बेटे अग्निवेश अग्रवाल से किया था। उन्होंने लिखा कि जो कुछ भी उन्होंने जीवन में कमाया है, उसका बड़ा हिस्सा समाज की भलाई में लगाया जाएगा। बेटे के निधन के बाद यह वादा उनके लिए और भी पवित्र हो गया है। 49 वर्ष की उम्र में अमेरिका में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से अग्निवेश का निधन हो गया।

पिता के दर्द और परिवार की भावनाएं

एक पिता के लिए जवान बेटे को खोना सबसे बड़ा दुख होता है। अनिल अग्रवाल ने लिखा कि वह और उनकी पत्नी किरण अग्रवाल पूरी तरह टूट चुके हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वेदांता ग्रुप में काम करने वाला हर कर्मचारी उन्हें अपने परिवार का हिस्सा लगता है और वे सभी उन्हें अपने बच्चों जैसे प्रिय हैं।

कौन हैं अनिल अग्रवाल?

अनिल अग्रवाल वेदांता रिसोर्सेज के संस्थापक और चेयरमैन हैं। उन्होंने वर्ष 1976 में वेदांता ग्रुप की नींव रखी थी। आज यह समूह मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल जैसे क्षेत्रों में भारत और विदेशों में मजबूत उपस्थिति रखता है। अनिल अग्रवाल को भारत के प्रमुख सेल्फ-मेड उद्योगपतियों में गिना जाता है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

1954 में बिहार के पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने बेहद साधारण पृष्ठभूमि से अपनी शुरुआत की। उन्होंने कम उम्र में अपने पिता के साथ कबाड़ के व्यापार में काम किया। 19 साल की उम्र में वह मुंबई पहुंचे, जहां संसाधन सीमित थे लेकिन इरादे मजबूत। शुरुआती वर्षों में कई व्यवसायों में नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, और यही संघर्ष आगे चलकर वेदांता ग्रुप की सफलता बना।

परिवार की मौजूदा जिम्मेदारियां

अनिल अग्रवाल की पत्नी किरण अग्रवाल हमेशा सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं, लेकिन हर बड़े फैसले में उनके साथ खड़ी रहीं। उनकी बेटी प्रिया अग्रवाल अब परिवार और व्यवसाय की अहम जिम्मेदारियां निभा रही हैं। वह हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन हैं। वहीं, अनिल अग्रवाल के भाई नवीन अग्रवाल वेदांता ग्रुप के वाइस चेयरमैन हैं।

अग्निवेश अग्रवाल की पेशेवर भूमिका

अग्निवेश अग्रवाल वेदांता की सहायक कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के बोर्ड सदस्य थे। उन्होंने फुजैराह गोल्ड जैसी कंपनी की स्थापना भी की थी। इतने बड़े कारोबारी परिवार से होने के बावजूद वह बेहद सादा जीवन जीते थे। उनका असमय निधन पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

कितनी है अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति?

फोर्ब्स के अनुसार, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल संपत्ति लगभग 4.2 अरब डॉलर, यानी करीब 35,000 करोड़ रुपये है। इस संपत्ति का 75 प्रतिशत हिस्सा दान करने की घोषणा वह पहले कर चुके थे, जिसे बेटे के निधन के बाद उन्होंने फिर दोहराया है।

बेटे के सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प

अनिल अग्रवाल ने कहा कि उनका और उनके बेटे का सपना एक ही था, भारत को आत्मनिर्भर बनाना। उन्होंने लिखा कि कोई बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चे को शिक्षा मिले, महिलाएं सशक्त हों और युवाओं को रोजगार मिले। बेटे के बिना जिंदगी अधूरी है, लेकिन उसके सपने अधूरे नहीं रहने दिए जाएंगे।

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