Amit Shah 2029 Statement : अमित शाह के 2029 वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

गुजरात निकाय चुनाव के बाद अमित शाह के 2029 वाले बयान ने सियासी बहस तेज कर दी है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर सवाल उठाए हैं। 13 करोड़ नाम हटाने का दावा भी चर्चा में है। आखिर इन आरोपों के पीछे क्या तथ्य हैं और चुनाव आयोग का क्या जवाब है?

Amit Shah 2029 Statement

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 14, 2026

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Amit Shah 2029 Statement : गुजरात के निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदर्शन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। शाह ने कहा था, “गुजरात तो बस झांकी है, 2029 बाकी है।” उन्होंने गुजरात में कांग्रेस को मिले जनादेश का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी के आरोपों का जवाब आगामी लोकसभा चुनाव में जनता देगी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए।

जयराम रमेश ने अमित शाह पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर शाह के बयान की आलोचना की। उन्होंने गृह मंत्री के लिए “3 Bs”—बड़ी-बड़ी बातें, झांसा और धौंस-पट्टी—जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। रमेश ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने संवैधानिक मताधिकार के जरिए सरकारों को जवाबदेह बना सकते हैं और चुनाव में अपना फैसला सुना सकते हैं।

पवन खेड़ा ने 2029 के दावे पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शाह के बयान को असामान्य बताते हुए कहा कि BJP को राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत स्थिति बनाने में कई दशक लगे। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस के लंबे समय तक कुछ राज्यों में सत्ता से बाहर रहने का जिक्र करके BJP क्या साबित करना चाहती है। खेड़ा ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और पूछा कि 2029 के चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल इतना आश्वस्त क्यों दिखाई दे रहा है।

मतदाता सूची से नाम हटाने का मुद्दा उठा

खेड़ा ने दावा किया कि मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को मृत बताया गया, उनमें से कुछ के जीवित होने की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

इमरान मसूद ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वतंत्र भूमिका प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी। मसूद ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को घुसपैठियों की मौजूदगी का प्रमाण मानने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने मांग की कि संबंधित आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं और बताया जाए कि कितने लोगों की पहचान हुई तथा कितनों को वास्तव में देश से निर्वासित किया गया।

चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट पर बढ़ी बहस

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं से चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची में संशोधन और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। कांग्रेस ने आरोपों की जांच और आंकड़ों की सार्वजनिक जानकारी देने की मांग की है। वहीं, अमित शाह का बयान गुजरात के चुनावी प्रदर्शन को 2029 के लोकसभा चुनाव से जोड़ता है।

2029 के लोकसभा चुनाव पर टिकी राजनीतिक नजरें

गुजरात निकाय चुनाव के बाद BJP और कांग्रेस के बीच बयानबाजी राष्ट्रीय चुनाव की तैयारी के संदर्भ में देखी जा रही है। एक ओर शाह ने आगामी चुनाव में जनता के फैसले का उल्लेख किया, वहीं कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची पर सवाल उठाए। इन आरोपों और दावों की वास्तविक स्थिति समझने के लिए आधिकारिक चुनावी आंकड़ों तथा संबंधित संस्थाओं के जवाब महत्वपूर्ण होंगे।

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