आमेर अरावली पैलेस हादसा: निर्माणाधीन दीवार ढही, मलबे में डेढ़ दर्जन लोगों के दबने की आशंका

जयपुर  जयपुर ग्रामीण के आमेर थाना क्षेत्र स्थित ‘अरावली पैलेस’ (तालामोड़) में हुए दर्दनाक हादसे से इस वक्त की बेहद बड़ी और अत्यंत दुःखद खबर सामने आ रही है. निर्माणाधीन दीवार गिरने के बाद मलबे को हटाने के लिए रात-दिन जारी युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे के नीचे से दो और मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं. इसके साथ ही इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले कुल मजदूरों की संख्या 3 हो गई है. सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार भारी मलबे को हटाने में जुटी हुई हैं. जैसे-जैसे कंक्रीट और पत्थरों को

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Published On :

जून 29, 2026

जयपुर 

जयपुर ग्रामीण के आमेर थाना क्षेत्र स्थित ‘अरावली पैलेस’ (तालामोड़) में हुए दर्दनाक हादसे से इस वक्त की बेहद बड़ी और अत्यंत दुःखद खबर सामने आ रही है. निर्माणाधीन दीवार गिरने के बाद मलबे को हटाने के लिए रात-दिन जारी युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे के नीचे से दो और मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं. इसके साथ ही इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले कुल मजदूरों की संख्या 3 हो गई है. सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार भारी मलबे को हटाने में जुटी हुई हैं. जैसे-जैसे कंक्रीट और पत्थरों को हटाया जा रहा है, हादसे की भयावहता और साफ होती जा रही है. बाद में निकाले गए दोनों मजदूरों को भी तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

6 मजदूरों की मौत की सूचना, प्रशासन ने की 3 की पुष्टि; दो महिला और एक पुरुष की मौत की पुष्टि की
जयपुर ग्रामीण के आमेर थाना क्षेत्र स्थित ‘अरावली पैलेस’ (तालामोड़) में हुए दर्दनाक हादसे से इस वक्त की सबसे बड़ी और नई अपडेट सामने आ रही है. निर्माणाधीन दीवार गिरने के बाद मलबे को हटाने के लिए रात-दिन जारी युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच अब तक 6 मजदूरों की मौत की सूचना है. इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक 3 मजदूरों की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिन तीन मृतकों की पुष्टि हुई है, उनमें दो महिला और एक पुरुष मजदूर शामिल हैं. मलबे के नीचे से निकाले गए अन्य तीन शवों और मजदूरों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जा रही है. सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार भारी मलबे को हटाने और कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।