Amarnath Yatra यात्रा से पहले कठुआ में बड़ी कार्रवाई, आतंकियों का मददगार हाजी लतीफ गिरफ्तार

Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकियों के कथित मददगार हाजी लतीफ को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को यात्रा की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आखिर उस पर क्या आरोप हैं और जांच में क्या सामने आया है, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Amarnath Yatra

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 30, 2026

Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा के शुरू होने से ठीक पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। कठुआ पुलिस ने एक खुफिया अभियान के तहत पाकिस्तानी आतंकियों के एक प्रमुख मददगार हाजी लतीफ को धर दबोचा है। सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती तफ्तीश से यह खुलासा हुआ है कि लतीफ का नेटवर्क काफी गहरा था और वह वर्षों से सीमा पार बैठे पाकिस्तानी आतंकियों तथा उनके हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था। यह गिरफ्तारी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के मद्देनजर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि लतीफ जैसे फैसिलिटेटर्स ही आतंकियों को स्थानीय स्तर पर छिपने और अपनी गतिविधियों को अंजाम देने में मदद करते हैं।

12 से अधिक आतंकियों की घुसपैठ में भूमिका

जांच में यह तथ्य सामने आया है कि हाजी लतीफ ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान 12 से अधिक पाकिस्तानी आतंकियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ कराने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उस पर न केवल आतंकियों को सीमा पार कराने, बल्कि भारत में प्रवेश के बाद उन्हें सुरक्षित ठिकाने (सेफ हाउस) उपलब्ध कराने और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने के गंभीर आरोप हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह सीमा पार स्थित आतंकी नेटवर्क के लिए एक प्रमुख ‘फैसिलिटेटर’ के रूप में काम कर रहा था। अब सुरक्षाबल लतीफ से सघन पूछताछ कर रहे हैं ताकि उसके नेटवर्क में शामिल अन्य ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs), घुसपैठ के गुप्त रास्तों और सीमा पार से संचालित आतंकी ढांचे के बारे में महत्वपूर्ण सुराग जुटाए जा सकें।

वार्षिक अमरनाथ यात्रा का औपचारिक श्रीगणेश

दूसरी ओर, पवित्र अमरनाथ यात्रा की तैयारियां भी अपने अंतिम चरण में हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को दक्षिण कश्मीर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर में ‘प्रथम पूजा’ संपन्न की। इसी के साथ 3 जुलाई से शुरू होने वाली 57 दिवसीय वार्षिक तीर्थयात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। यह यात्रा दो पारंपरिक मार्गों—अनंतनाग जिले के पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से संचालित होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसमें आवास, स्वच्छता, और यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है।

पंजीकरण प्रक्रिया और श्रद्धालुओं के लिए दिशा-निर्देश

यात्रा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने पंजीकरण की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली है। मौके पर पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए टोकन का वितरण मंगलवार से शुरू किया जा रहा है, जबकि पंजीकरण प्रक्रिया अगले दिन से पूर्ण रूप से प्रभावी होगी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से पवित्र गुफा की ओर प्रस्थान करेगा। हाजी लतीफ की गिरफ्तारी ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षाबल यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए अत्यधिक सतर्क हैं और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

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