Barabanki News: आलू की कीमतों में गिरावट से परेशान किसानों को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ योजना लागू की है। इस योजना का उद्देश्य बाजार में आलू के भाव गिरने की स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाना है। पात्र किसानों को उत्पादन लागत और बिक्री दर के बीच के अंतर के आधार पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार की इस पहल से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें उत्पादन लागत के मुकाबले बाजार में कम कीमत मिलने पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। योजना के तहत निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार किसानों को अनुदान की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना से आलू किसानों को मिलेगा अनुदान
भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक पात्र किसानों तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी योग्य किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे।योजना के तहत किसानों को मिलने वाला अनुदान उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। इसके लिए किसानों को अपने आलू उत्पादन और रोपित क्षेत्रफल से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
आलू किसानों के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना होगा। अधिकारियों के मुताबिक भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। अनुदान की राशि सीधे किसानों के आधार-सीडेड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल और 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की सीमा तक अनुदान अनुमन्य होगा। ऐसे में पात्र किसानों को आवेदन करते समय अपने क्षेत्रफल और उत्पादन से संबंधित जानकारी सही तरीके से उपलब्ध करानी होगी।
योजना के आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
आलू किसानों को योजना के तहत आवेदन करते समय कई जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इनमें आधार कार्ड, फोटोयुक्त पहचान पत्र, आधार लिंक बैंक पासबुक और चेकबुक शामिल हैं। इसके अलावा आलू रोपित क्षेत्रफल को दर्शाने वाली खसरा-खतौनी भी प्रस्तुत करनी होगी। अधिकारियों के स्तर से किसानों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, जिससे ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो और पात्रता का सत्यापन समय पर किया जा सके।
योगी सरकार की योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आलू किसानों के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी जाए।डीएम ने अधिकारियों से यह भी कहा कि अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से जोड़ा जाए और उनके आवेदन से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
किसानों को नुकसान नहीं होने देने का भरोसा
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और प्रशासन उनकी हरसंभव सहायता करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध समाधान किया जाए।आलू के बाजार भाव में गिरावट की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से लागू की गई यह योजना बाराबंकी के पात्र आलू उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक किसानों तक इसका लाभ पहुंचाना प्रशासन के सामने अहम जिम्मेदारी होगी।










