विद्यार्थियों के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड रहेंगे डिजिटल रूप से सुरक्षित, प्रदेश में अपार आईडी (APAAR-ID) निर्माण के लिए विशेष अभियान शुरू

भोपाल  प्रदेश के सभी विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एक ही जगह पर उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में अपार आईडी निर्माण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की समस्त स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को मेगा अपार दिवस का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश में 1 करोड 39 लाख से अधिक स्‍कूली विद्यार्थियों की बनेगी अपार आईडी स्‍कूल शिक्षा के आंकडों के अनुसार प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार स्कूली विद्यार्थियों की

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Published On :

जून 6, 2026

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भोपाल 

प्रदेश के सभी विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एक ही जगह पर उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में अपार आईडी निर्माण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की समस्त स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को मेगा अपार दिवस का आयोजन किया जाएगा।

प्रदेश में 1 करोड 39 लाख से अधिक स्‍कूली विद्यार्थियों की बनेगी अपार आईडी

स्‍कूल शिक्षा के आंकडों के अनुसार प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार स्कूली विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जाएगी। अब तक 93 लाख 97 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण हो चुका है। शेष 44 लाख 47 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण आगामी 30 जून तक पूरा जाएगा।

प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार विद्यार्थी नामांकिंत हैं। इनमें शासकीय स्‍कूलों के 70 लाख 09 हज़ार 516 विद्यार्थी तथा अशासकीय स्‍कूलों के 69 लाख 28 हज़ार 218 विद्यार्थी शामिल हैं।

प्रत्‍येक शनिवार स्‍कूलों में  मेगा अपार दिवस का आयोजन

प्रदेश की सभी स्कूलों में "मेगा अपार दिवस" का 30 जून तक आयोजन किया जाएगा। यह प्रत्येक शनिवार को होगा। इसी कडी में आज 6 जून को स्कूलों में पहले अपार दिवस का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों ने अपना अपार पंजीयन कराया।

अपार आईडी के लाभ

अपार आईडी किसी भी विद्यार्थी के लिए जीवन भर की डिजीटल शैक्षणिक पहचान होती है। इसमें विद्यार्थी के सभी शैक्षणिक रिकॉर्डस एक जगह सुरक्षित रहते हैं। यह एक डिजीटल और पेपरलेस रिकार्ड सिस्‍टम है। अपार आईडी, छात्रवृति, प्रवेश एवं सरकारी योजनाओं में सहायक होने के साथ ही कहीं भी कभी भी उपयोगी होगी है।

विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्मित करवाने के लिए आयुक्‍त लोक शिक्षण और संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र ने मई माह में संयुक्‍त हस्‍ताक्षर से सभी जिला कलेक्‍टर्स को पत्र प्रेषित किया था। जिसके अनुक्रम में इन शिविरों में अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के अभिभावकों को विद्यालय में आमंत्रित कर नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा रही है।

स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिले एवं विकासखंड-वार “अपार" आईडी विहीन विद्यार्थियों” की विद्यालयवार सूची तैयार कर मैदानी अधिकारियों को उपलब्‍ध कराई गई है। जिन विद्यार्थियों के पास आधार नहीं है, उनके लिए स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला आधार नामांकन केंद्र/ बैंक/ डाकघर के माध्यम से आधार नामांकन का कार्य भी प्राथमिकता से करवाया जा रहा है। जिससे आधार के अभाव में इस अपार आईडी के निर्माण में कोई बाधा ना आए। विद्यार्थियों के आधार नामांकन में अथवा UDISE+ पोर्टल पर नाम की भिन्नता, आधार सीडिंग त्रुटि अथवा पालक/ अभिभावक की सहमति संग्रहण में विलंब जैसी बाधाओं को पहचान कर तत्काल दूर करने के निर्देश भी स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किए गए हैं।

जिला, विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर  विशेष व्यवस्था

विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के लिए जिला, विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। विद्यार्थी निर्धारित मेगा दिवस इन स्थलों पर पहुंचकर अपनी आईडी बनवा सकते हैं।

अपार आईडी निर्माण के लिए स्कूल के प्रधानाध्‍यापक होंगे उत्‍तरदायी

विद्यार्थियों को अपार आईडी पंजीयन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसके लिए भारत सरकार द्वारा अपार पोर्टल पर विद्यार्थी के पंजीयन के अधिकार संबंधित शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापकों को प्रदान किए गए हैं। विद्यार्थी अपनी शाला के प्राचार्य से संपर्क कर अपनी अपार आईडी तैयार करवा सकते हैं। स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि  शालावार शत प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करवाने के लिए स्कूल के प्राचार्य ही उत्‍तरदायी होंगे।

क्‍या है अपार आईडी

अपार आईडी 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या है। यह छात्र के शैक्षणिक जीवन का डिजिटल पहचान पत्र है। विद्यार्थी के जीवन भर के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है। मार्कशीट, डिग्री, वैज, पुरस्कार, प्रमाणपत्र एवं उपलखियों का डिजिटल संग्रह करती है।

भारत सरकार के निर्देशानुसार देश भर के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों की APAAR-ID (Automated Permanent Academic Account Registry- APAAR) का शत-प्रतिशत निर्माण 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना है। इस के लिये मध्‍यप्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा तेजी से कार्य करते हुए स्‍कूलों में अपार दिवस का आयोजन किया जा रहा है।

 

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