Alankar Agnihotri On CJP: उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट और राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के कथित गठजोड़ पर सनसनीखेज आरोप लगाए। सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सत्तारूढ़ दल और सीजेपी के बीच ‘सी-टीम’ का गुप्त रिश्ता होने का दावा किया।
BJP और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बीच ‘सी-टीम’ का कथित गठबंधन
बताते चले कि, अलंकार अग्निहोत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जहां एक ओर बीजेपी सार्वजनिक मंचों से सीजेपी को ‘गद्दार’ करार देती है, वहीं दूसरी ओर उन्हें विरोध प्रदर्शन करने के लिए बिना किसी बाधा के अनुमति मिलना बड़े सवालों को जन्म देता है। उन्होंने दावा किया कि सीजेपी कोई स्वतंत्र इकाई नहीं, बल्कि बीजेपी की ही एक सोची-समझी ‘सी-टीम’ है, जिसका इस्तेमाल राजनीति साधने के लिए किया जा रहा है।
राम मंदिर चंदा विवाद
मंदिरों की धन-संपदा को लेकर चिंता जताते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने राम मंदिर में चढ़ाए गए करोड़ों रुपये के चंदे के कथित गायब होने के मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन परंपरा के नाम पर मंदिरों और मठों के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। हालांकि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि ट्रस्ट का ऑडिट समय-समय पर होता है और किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हुई है।
तीर्थ स्थलों का ‘कंक्रीटकरण’ बनाम आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण
धार्मिक स्थलों के कायाकल्प की नीति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि काशी, अयोध्या, मथुरा और वृंदावन जैसे पवित्र नगरों को कंक्रीट के जंगलों में तब्दील किया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि इन तीर्थों के मूल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित करना प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि केवल बड़े-बड़े गलियारों का निर्माण। उन्होंने सरकार की ‘विकास नीति’ को धार्मिक विरासतों के लिए घातक बताया।
उत्तर प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर
पुलिस मुठभेड़ों (एनकाउंटर) के विवादास्पद मुद्दे पर बोलते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के सुर में सुर मिलाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में एनकाउंटर में मारे जाने वालों में ब्राह्मण समुदाय के लोग दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने इसे गंभीर बताते हुए पूरे मामलों की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातिगत समीकरणों और धार्मिक ध्रुवीकरण पर बहस तेज है। अग्निहोत्री के इन आरोपों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है कि क्या आने वाले समय में ये मुद्दे सत्ता पक्ष के लिए बड़ी चुनौती बनेंगे।










