Akhilesh Yadav: राहुल गांधी के बचाव में उतरे अखिलेश यादव, किरेन रिजिजू के ‘ड्रेस कोड’ वाले बयान पर मचा बवाल

संसद में राहुल गांधी के टीशर्ट पहनने पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की आपत्ति के बाद सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए पूछा कि क्या अब ड्रेस कोड के नाम पर निक्कर पहनकर सदन आना होगा? अखिलेश ने भाजपा के पुराने ड्रेस कोड पर तंज कसते हुए राहुल का पुरजोर समर्थन किया है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 27, 2026

Akhilesh Yadav: संसद के भीतर ड्रेस कोड और शिष्टाचार को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के टीशर्ट पहनने पर आपत्ति जताए जाने के बाद, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में पलटवार किया है। अखिलेश ने न केवल राहुल का बचाव किया, बल्कि भाजपा के पुराने ड्रेस कोड (RSS की पुरानी पोशाक) पर निशाना साधते हुए इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है।

ड्रेस कोड पर भड़के सपा मुखिया

जब पत्रकारों ने अखिलेश यादव से राहुल गांधी के टीशर्ट पहनने और उसे बैन करने की चर्चाओं पर सवाल किया, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया। सपा अध्यक्ष (Samajwadi Party Chief) ने पूछा, “तो क्या पहनकर जाना चाहिए?” उन्होंने आगे कहा कि किरेन रिजिजू एक समझदार व्यक्ति और अच्छे मित्र हैं, लेकिन वे संसदीय परंपराओं के नाम पर व्यक्तिगत पहनावे पर प्रतिबंध कैसे लगा सकते हैं? अखिलेश ने तर्क दिया कि लोकतंत्र में पहनावे से ज्यादा विचार महत्वपूर्ण हैं और टीशर्ट को प्रतिबंधित करने का कोई ठोस आधार नहीं है।

अखिलेश ने याद दिलाया पुराना ड्रेस कोड

इस विवाद में सबसे तीखा मोड़ तब आया जब अखिलेश यादव ने भाजपा और उसके वैचारिक संगठन के पुराने पहनावे का जिक्र किया। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने तंज कसते हुए कहा, “ड्रेस कोड क्या निक्कर लागू करोगे? आपने खुद निक्कर छोड़ दिया, अब आप भी पैंट पहन रहे हो।” उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा के सभी नेता अपना पुराना ड्रेस कोड (निक्कर) फिर से अपना लें, तो वे भी इस पर विचार करने को तैयार हैं। यह बयान सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के अनुशासन और परंपरा के दावों पर एक राजनीतिक प्रहार है।

राहुल गांधी के बचाव में उतरे समाजवादी साथी

संसद के भीतर इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की एकजुटता एक बार फिर साफ दिखाई दी। अखिलेश यादव अक्सर राहुल गांधी के समर्थन में सबसे मुखर नजर आते हैं। जब उनसे उनके इस ‘रक्षक’ वाले व्यवहार पर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी लोग जिसके साथ होते हैं, पूरी मजबूती से खड़े रहते हैं। रिजिजू द्वारा राहुल गांधी के ‘एक्टिविस्ट सलाहकारों’ पर किए गए कमेंट को अखिलेश ने पूरी तरह खारिज कर दिया और इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया।

किरेन रिजिजू की शिष्टाचार वाली सलाह

गौरतलब है कि संसदीय कार्यमंत्री (Parliamentary Affairs Minister) किरेन रिजिजू ने सदन की परंपराओं का हवाला देते हुए राहुल गांधी को नसीहत दी थी। रिजिजू का कहना था कि नेता प्रतिपक्ष एक औपचारिक और संवैधानिक पद है, इसलिए सदन में बोलते समय उन्हें गरिमामय और परंपरा के अनुरूप कपड़े पहनने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके दिमाग पर उनके सलाहकारों का कब्जा है, जिसके कारण वे नियमों और शिष्टाचार का उल्लंघन कर रहे हैं। हालांकि, रिजिजू ने यह भी जोड़ा कि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें राहुल से कोई समस्या नहीं है, लेकिन पद की मर्यादा का पालन होना चाहिए।