UP Politics: रायबरेली में अखिलेश की PDA यात्रा, अजय राय के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा रायबरेली पहुंचने के बाद यूपी की सियासत में चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि चुनावी समय में कोई भी नेता कहीं जा सकता है। सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर उन्होंने कहा कि दोनों दलों का नेतृत्व बातचीत करेगा और अक्टूबर में तस्वीर साफ हो सकती है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 25, 2026

UP Politics: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले रायबरेली में PDA रथयात्रा लेकर पहुंचने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। रायबरेली कांग्रेस नेता राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र भी है। ऐसे में सपा की इस यात्रा को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि अखिलेश यादव ने अपनी PDA यात्रा की शुरुआत के लिए रायबरेली को प्रमुख स्थानों में रखा है।

सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच बयानबाजी से बढ़ी चर्चा

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बताते चले कि, अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा ऐसे समय हुई है, जब सपा और कांग्रेस नेताओं के बीच गठबंधन और सीटों को लेकर बयानबाजी भी सामने आई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद इकरा हसन के बीच सीटों और गठबंधन को लेकर हुई तीखी बयानबाजी ने दोनों दलों के रिश्तों पर चर्चा को और बढ़ा दिया। हालांकि, दोनों पार्टियों का नेतृत्व लगातार गठबंधन के साथ मिलकर काम करने की बात कहता रहा है।

अजय राय ने अखिलेश की रायबरेली यात्रा पर क्या कहा?

अखिलेश यादव के रायबरेली और अमेठी पहुंचने को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से सवाल किया गया तो उन्होंने इसे चुनावी गतिविधियों का हिस्सा बताया। अजय राय ने कहा कि चुनाव का समय है और कोई भी नेता कहीं भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं तो कांग्रेस नेता भी कन्नौज, इटावा और सैफई जा सकते हैं।

रायबरेली-अमेठी कांग्रेस का गढ़, इटावा-कन्नौज सपा का मजबूत क्षेत्र

आपको बता दे कि, उत्तर प्रदेश की राजनीति में रायबरेली और अमेठी को लंबे समय से कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्रों के तौर पर देखा जाता रहा है। वहीं इटावा, कन्नौज और सैफई समाजवादी पार्टी के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र माने जाते हैं। मुलायम सिंह यादव से लेकर अखिलेश यादव, डिंपल यादव और शिवपाल यादव तक इस इलाके से चुनाव लड़ते या पार्टी की चुनावी गतिविधियों का नेतृत्व करते रहे हैं।

सैफई को लेकर बीजेपी के हमले भी रहे हैं चर्चा में

सैफई समाजवादी पार्टी की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नेता भी समय-समय पर सैफई को लेकर सपा पर निशाना साधते रहे हैं। सपा सरकार के दौरान आयोजित होने वाला सैफई महोत्सव भी राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बनता रहा है। ऐसे में अजय राय का कन्नौज, इटावा और सैफई का जिक्र राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘सपा अपना काम कर रही है, हम अपना काम कर रहे हैं’

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अजय राय ने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी अपना काम कर रही है और कांग्रेस अपना काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी चुप बैठी नहीं है और लगातार जनता के बीच पहुंच रही है। उनके मुताबिक पार्टी उन लोगों और परिवारों के साथ खड़ी है, जो उनके अनुसार सरकार के कार्यकाल में कथित अत्याचार या परेशानी का सामना कर रहे हैं।

पीड़ित परिवारों से मुलाकात का अजय राय ने किया जिक्र

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी की हालिया गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने बरेली में मौलाना तौकीर के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके अलावा लखनऊ में दलित युवक के परिवार से भी कांग्रेस नेता मिलने पहुंचे। अजय राय ने गोरखपुर में श्मशान घाट से जुड़े मामले में मारे गए वकीलों के परिवारों से मुलाकात का भी उल्लेख किया।

राहुल गांधी को लेकर अजय राय का बड़ा दावा

अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ जनता के बीच खड़ी है और उनके अनुसार देश की जनता राहुल गांधी की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं और लोगों को उन पर भरोसा है। चुनावों में कथित धांधली के मुद्दे को लेकर भी अजय राय ने राहुल गांधी के बयानों का समर्थन किया।

सीट बंटवारे पर अक्टूबर में तस्वीर होगी साफ

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सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे तथा इमरान मसूद और इकरा हसन की बयानबाजी पर अजय राय ने सीधे तौर पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि दोनों दलों के नेतृत्व के बीच बातचीत के बाद अक्टूबर में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। अजय राय ने दोहराया कि दोनों पार्टियां मिलकर काम कर रही हैं।

PDA रथयात्रा और गठबंधन की राजनीति पर नजर

अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा और अजय राय के बयान के बाद यूपी में सपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिविधियों पर नजरें टिक गई हैं। एक ओर सपा PDA रथयात्रा के जरिए अपने सामाजिक समीकरण और संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस भी अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में सक्रियता बढ़ाने की बात कह रही है। सीटों को लेकर अक्टूबर में होने वाली बातचीत के बाद गठबंधन की चुनावी रणनीति की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।