UP Politics: JPNIC पर सपा-बीजेपी में घमासान, 850 करोड़ की लागत पर उठे सवाल

लखनऊ में जयप्रकाश नारायण की जयंती पर JPNIC पहुंचे अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास 45-50 दिन ज्यादा नहीं बचे हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनके दौरे को नाटक बताया और परियोजना की लागत पर सवाल उठाए। ओम प्रकाश राजभर ने भी JPNIC के निर्माण खर्च का हिसाब मांगा।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 11, 2026

UP Politics: लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (JPNIC) पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को याद किया। इस दौरान JPNIC को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई। अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, तो प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनके दौरे को राजनीतिक नाटक करार दिया।

सपा प्रमुख ने मौजूदा सरकार पर साधा निशाना

बताते चले कि, JPNIC का दौरा करने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने देश में संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था। उनके आंदोलन से बड़े बदलाव हुए और उन्होंने समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाया। अखिलेश ने कहा कि जेपी ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और देश के कई बड़े नेताओं के साथ काम किया।

सपा प्रमुख ने मौजूदा सरकार पर साधा निशाना

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को उचित सम्मान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण की याद में उनकी सरकार ने इतना बड़ा स्मारक बनवाया था, लेकिन आज उसकी स्थिति ठीक नहीं है। अखिलेश के मुताबिक, सरकार इस स्मारक से भी मुनाफा कमाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि JPNIC से जुड़ी सुविधाओं और स्मृतियों को खत्म किया जा रहा है।

‘सरकार के पास 45 से 50 दिन ज्यादा नहीं बचे’

अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके लिए विचारधारा से ज्यादा पैसा महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग जनता को परेशान कर रहे हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जितना ज्यादा लोगों को पीड़ा दी जाएगी, उतना ही पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों का समर्थन बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बदलाव होना तय है और मौजूदा सरकार के पास अब 45 से 50 दिन ज्यादा नहीं बचे हैं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने इस समयसीमा के पीछे का आधार स्पष्ट नहीं किया।

अखिलेश यादव के आरोप पर ब्रजेश पाठक का पलटवार

अखिलेश यादव के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पलटवार किया। उन्होंने सपा प्रमुख के JPNIC दौरे को केवल राजनीतिक नाटक बताया। पाठक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी महापुरुषों, डॉ. राममनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के नाम का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक छवि सुधारने के लिए करती है।

अखिलेश यादव के आरोप पर ब्रजेश पाठक का पलटवार

ब्रजेश पाठक ने JPNIC के निर्माण पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव की सरकार के दौरान जिस परियोजना की शुरुआती लागत 17 करोड़ रुपये बताई गई थी, वह बढ़कर 850 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गई? उन्होंने परियोजना की लागत में लगातार बढ़ोतरी और उसमें फाइव स्टार सुविधाएं तथा स्विमिंग पूल बनाए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए।

JPNIC की लागत और लीज पर देने को लेकर आमने-सामने सपा और BJP

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई का इस्तेमाल किस तरह किया गया, इसका जवाब अखिलेश यादव को देना चाहिए। उन्होंने JPNIC को बेचने के आरोपों को गलत बताया और कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए इसे लीज पर दिया गया है। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य जनता के पैसे का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।

JPNIC की लागत और लीज पर देने को लेकर आमने-सामने सपा और BJP

ब्रजेश पाठक ने जयप्रकाश नारायण के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि जेपी ने भ्रष्टाचार, कदाचार और परिवारवाद के खिलाफ संघर्ष किया था। उनके अनुसार, महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि उनके आदर्शों पर चलकर दी जा सकती है, न कि उनके नाम पर राजनीति करके।

ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव से मांगा हिसाब

JPNIC विवाद में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी अखिलेश यादव पर सवाल उठा चुके हैं। राजभर ने परियोजना पर 864 करोड़ रुपये खर्च होने के दावे का जिक्र करते हुए पूछा कि इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ। उन्होंने परियोजना की लागत बढ़ने और काम अधूरा रहने पर सवाल उठाते हुए खर्च का हिसाब मांगा।

ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव से मांगा हिसाब

फिलहाल JPNIC को लेकर सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। एक ओर अखिलेश यादव इसे सरकार की नीतियों और महापुरुषों के सम्मान से जोड़ रहे हैं, वहीं भाजपा नेता परियोजना की लागत और प्रबंधन को लेकर सपा को घेर रहे हैं। इस विवाद के बीच JPNIC एक बार फिर प्रदेश की राजनीति का अहम मुद्दा बन गया है।