UP Politics: उत्तर प्रदेश में EVM को लेकर सियासी बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के ईवीएम पर भरोसा नहीं करने वाले बयान पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने निशाना साधा है। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को पहले से पता है कि समाजवादी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाएगी, इसलिए वह ईवीएम पर भरोसा नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने वाली नहीं है।
EVM पर भरोसे को लेकर अखिलेश यादव पर राजभर का हमला

बताते चले कि, ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें किसी पर भरोसा नहीं है। ओपी राजभर के मुताबिक, अखिलेश यादव को अपने चाचा पर भी भरोसा नहीं है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में EVM की विश्वसनीयता और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने BJP को बताया ‘भूमि माफिया पार्टी’
वहीं, अखिलेश यादव ने जमीन अधिग्रहण और किसानों के मुआवजे के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा को ‘सबसे बड़ी भूमि माफिया पार्टी’ बताते हुए आरोप लगाया कि किसानों की जमीन से जुड़े मामलों में सरकार भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। अखिलेश ने कहा कि किसानों की जमीन लेने से पहले उसका सर्किल रेट वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए।
किसानों की जमीन और मुआवजे को लेकर सपा की मांग

अखिलेश यादव ने अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण से पहले सर्किल रेट में बढ़ोतरी होनी चाहिए। उनका कहना है कि किसानों को जमीन का उचित मूल्य तभी मिलेगा, जब मुआवजे की गणना वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर की जाएगी।
औद्योगिक गलियारे के लिए जमीन अधिग्रहण पर अखिलेश का सवाल
सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री के उस दावे का भी जिक्र किया, जिसमें माफियाओं से हजारों एकड़ जमीन मुक्त कराने की बात कही गई थी। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि अगर इतनी बड़ी मात्रा में जमीन कब्जामुक्त कराई गई है तो उस जमीन पर उद्योग क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि औद्योगिक विकास के लिए किसानों की जमीन ही क्यों ली जा रही है।
सर्किल रेट बढ़ाकर बाजार मूल्य देने की मांग
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर औद्योगिक गलियारे के लिए किसानों की जमीन ली जा रही है तो उन्हें उसका उचित और न्यायसंगत मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जमीन अधिग्रहण से पहले सर्किल रेट बढ़ाकर बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा दिया जाए। उनके मुताबिक, किसानों की जमीन का मूल्य तय करते समय मौजूदा बाजार कीमत को ध्यान में रखना जरूरी है।
10 सितंबर को अखिलेश यादव ने EVM पर दिया था बयान

दरअसल, 10 सितंबर को लखनऊ में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के EVM विरोध को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी पहले भी ईवीएम को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर कर चुकी है। अखिलेश ने कहा था कि अगर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें भी जीत जाए, तब भी पार्टी ईवीएम के खिलाफ रहेगी।
EVM से लेकर किसान मुद्दे तक BJP पर सपा का हमला
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद EVM को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है। एक ओर जहां सपा प्रमुख चुनावी प्रक्रिया में ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर अपना विरोध जता रहे हैं, वहीं ओम प्रकाश राजभर ने उनके बयान पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, अखिलेश यादव किसानों की जमीन, सर्किल रेट और मुआवजे के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेर रहे हैं। ऐसे में EVM विवाद और किसान जमीन अधिग्रहण दोनों मुद्दे उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बने हुए हैं।










