US Iran War: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानपुर प्रवास के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। अमेरिका और ईरान के बीच उपजे युद्ध जैसे हालात और हालिया सीजफायर के परिप्रेक्ष्य में अखिलेश ने देश की कूटनीतिक विफलता (Diplomatic Failure) का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भारत के पास दुनिया में शांतिदूत बनकर ‘विश्वगुरु’ का दर्जा हासिल करने का ऐतिहासिक अवसर था, तब केंद्र सरकार की कमजोर विदेश नीति के कारण वह मौका हाथ से निकल गया।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पाकिस्तान की बढ़ती सक्रियता
अखिलेश यादव ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति की आलोचना करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की गलत नीतियों ने हमारी विदेश नीति और कूटनीति (Foreign Policy and Diplomacy) को पूरी तरह चौपट कर दिया है। उन्होंने तुलनात्मक लहजे में कहा कि एक ओर जहां पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, वहीं भारत की स्थिति रक्षात्मक और कमजोर दिखाई दे रही है। सपा चीफ के अनुसार, यदि भारत अमेरिका-ईरान संघर्ष को रोकने में प्रभावी भूमिका निभाता, तो आज दुनिया वास्तव में भारत को विश्वगुरु (Global Leader) के रूप में स्वीकार करती।
एलपीजी सिलेंडर में ‘वजन की चोरी’ पर सरकार की घेराबंदी
विदेश नीति के साथ-साथ अखिलेश यादव ने घरेलू मुद्दों, विशेषकर महंगाई और भ्रष्टाचार (Inflation and Corruption) पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने रसोई गैस का जिक्र करते हुए एलपीजी (LPG) को ‘लापता गैस’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह खाद की बोरी से खाद कम की जा रही है, ठीक उसी तरह लाल सिलेंडरों में भी वजन की चोरी हो रही है। अखिलेश ने कहा कि आम जनता महंगाई से त्रस्त है और सरकार केवल सपनों के सौदागर की तरह झूठे वादे कर रही है।
अमेरिका-ईरान महायुद्ध में पाकिस्तान की भूमिका
सपा अध्यक्ष ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता (Pakistan’s Proactive Diplomacy) का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। दरअसल, विपक्षी दल इस बात को लेकर हमलावर हैं कि इस संकट के दौरान पड़ोसी देश की भूमिका चर्चा में रही, जबकि भारत प्रभावी हस्तक्षेप करने में विफल रहा। बता दें कि महायुद्ध के 40वें दिन दो हफ्तों के लिए सीजफायर (Ceasefire) की घोषणा हुई है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान दोनों अपनी-अपनी जीत बता रहे हैं, लेकिन अखिलेश इसे भारत की रणनीतिक चूक मान रहे हैं।
आगामी चुनावी समीकरणों पर चर्चा
अखिलेश यादव ने कानपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार केवल इवेंट मैनेजमेंट में जुटी है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर बेरोजगारी और आर्थिक संकट (Economic Crisis) गहराता जा रहा है। विपक्षी दलों का मानना है कि वैश्विक मंच पर भारत की साख दांव पर है और सरकार घरेलू मोर्चे पर भी पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आह्वान किया कि आने वाले समय में जनता इन ‘चोरी’ और ‘झूठे वादों’ का जवाब वोट के माध्यम से देगी।
अखिलेश यादव का यह बयान स्पष्ट करता है कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनावों में विदेश नीति की विफलता और बढ़ती महंगाई को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में भारत की भूमिका को लेकर उठाया गया सवाल सरकार के लिए नई कूटनीतिक चुनौती पेश कर सकता है।










