UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बयानों ने सियासी हलचल बढ़ा दी। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को लेकर जिस अंदाज में बयान दिए, उसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इसी बीच अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल को लेकर भी ऐसा बयान दिया, जिसे उनके सियासी ऑफर के तौर पर देखा जा रहा है।
बृजभूषण शरण सिंह पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान

बताते चले कि, 30 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव से बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को लेकर सवाल किया गया। इस पर सपा प्रमुख ने कहा कि उनके और बृजभूषण शरण सिंह के संबंध काफी अच्छे हैं। अखिलेश यादव ने कहा, “मेरे और उनके संबंध बहुत अच्छे हैं। यूपी के विकास के मुद्दे पर हम सब एक हैं।”
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच संबंधों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों और संभावित गठजोड़ को लेकर अटकलें लगातार चल रही हैं।
बृजभूषण शरण सिंह ने अखिलेश यादव को लेकर क्या कहा था?
अखिलेश यादव के बयान से पहले बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी सपा प्रमुख को लेकर टिप्पणी कर चुके थे। इंडिया गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी को लेकर उन्होंने कहा था कि “अखिलेश यादव के बिना सबकुछ सूना है।” उनके इस बयान ने भी यूपी की सियासत में खूब चर्चा बटोरी थी।इसके बाद जब अखिलेश यादव से बृजभूषण शरण सिंह की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने भी सकारात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया दी। दोनों नेताओं के बयानों ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
पूर्व IAS दिव्या मित्तल को अखिलेश यादव का ऑफर?
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल को लेकर भी अहम टिप्पणी की। मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा, “अब उनको भी तय करना पड़ेगा कि वे हरा और लाल रंग का गमछा डाल लें।” अखिलेश यादव के इस बयान को दिव्या मित्तल को समाजवादी पार्टी की ओर से संभावित सियासी ऑफर के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

दिव्या मित्तल ने हाल ही में राजनीति में आने का ऐलान किया है। ऐसे में अखिलेश यादव का यह बयान राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पूर्व नौकरशाह के राजनीति में प्रवेश को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही है।
पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने किया राजनीति में आने का ऐलान
पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने मंगलवार को राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा की थी। वह उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं और करीब 13 साल तक भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहीं। राजनीति में आने की घोषणा के बाद से ही उनके फैसले को लेकर सोशल मीडिया और यूपी के राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है। दिव्या मित्तल ने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की है। हालांकि, उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए राजनीति में सक्रिय होने का संकेत दिया है। इसी वजह से उनके संभावित राजनीतिक कदम और चुनावी क्षेत्र को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
पूर्वांचल से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज

दिव्या मित्तल को लेकर यह चर्चा भी सामने आ रही है कि वह उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल के किसी क्षेत्र से चुनावी राजनीति में उतर सकती हैं। हालांकि, अभी तक उनकी ओर से किसी विधानसभा सीट या लोकसभा क्षेत्र को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद से इस्तीफा दिया था। इसके करीब एक महीने बाद राजनीति में आने का ऐलान किए जाने से उनके अगले कदम को लेकर राजनीतिक हलकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।
यूपी की सियासत में नए समीकरणों के संकेत?
अखिलेश यादव और बृजभूषण शरण सिंह के बयानों के साथ पूर्व IAS दिव्या मित्तल को लेकर सपा प्रमुख की टिप्पणी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। एक तरफ 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक पृष्ठभूमि से जुड़े चेहरों का राजनीति में प्रवेश भी चर्चा का विषय बन रहा है।
फिलहाल बृजभूषण शरण सिंह और अखिलेश यादव के बयानों को उनके सार्वजनिक वक्तव्यों के संदर्भ में देखा जा रहा है, जबकि दिव्या मित्तल के राजनीतिक भविष्य और किसी दल में शामिल होने को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में उनके अगले कदम पर सबकी नजर रहेगी।










