
UP Politics: अखिलेश यादव आज रामपुर में जेल में बंद आजम खान से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह उनके आवास पर जाकर परिवार के लोगों से भी मिलेंगे। करीब एक साल 14 दिन बाद होने जा रही इस मुलाकात को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर मुस्लिम वोटों को साधने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
रामपुर पहुंचेंगे सपा प्रमुख, सियासी हलचल तेज
बताते चले कि, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की आजम खान से होने वाली मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अखिलेश यादव आज दोपहर रामपुर पहुंचकर जिला जेल में आजम खान से मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनके आजम खान के आवास पर जाकर परिजनों से मिलने का भी कार्यक्रम है।

दोनों नेताओं की मुलाकात करीब एक साल 14 दिन बाद होने जा रही है। इससे पहले अखिलेश यादव 8 अक्टूबर 2025 को रामपुर आए थे और आजम खान से मिले थे। ऐसे में इस मुलाकात को केवल व्यक्तिगत मुलाकात के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। ऐसे में सपा प्रमुख और आजम खान की मुलाकात पर सभी की नजरें टिकी हैं।
ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर हमला
अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात से पहले योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख पर निशाना साधा है। राजभर ने आरोप लगाया कि आजम खान को जेल भिजवाने के पीछे अखिलेश यादव की भूमिका थी। अब उनसे मिलने जाना केवल चुनावी चर्चा पैदा करने की कोशिश है।

राजभर का कहना है कि अखिलेश यादव आजम खान के जरिए मुस्लिम वोट हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुस्लिम समाज के लोग अब अखिलेश यादव से मुस्लिम मुख्यमंत्री घोषित करने की मांग कर रहे हैं। राजभर के मुताबिक, मुस्लिम समाज चाहता है कि सपा नेतृत्व इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करे। हालांकि, ये राजभर के राजनीतिक आरोप और दावे हैं। इन पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही तस्वीर और साफ हो सकेगी।
आजम खान से मुलाकात का एजेंडा क्या है?
अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात के एजेंडे को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है। रामपुर के सपा नगर अध्यक्ष आसिम राजा ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिला जेल में आजम खान से मिलने आएंगे। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का असली एजेंडा क्या है, इसकी जानकारी अखिलेश यादव ही दे सकते हैं।
वहीं, सपा के रामपुर जिलाध्यक्ष अजय सागर ने बताया कि अखिलेश यादव के दौरे को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। जेल में मुलाकात के बाद वह आजम खान के आवास पर जाकर उनके परिवार के लोगों से भी मिलेंगे। पार्टी नेताओं ने मुलाकात को लेकर कोई विस्तृत राजनीतिक कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे में इस बैठक के बाद अखिलेश यादव क्या संदेश देते हैं, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
रामपुर में अखिलेश यादव के दौरे को लेकर सुरक्षा सख्त
अखिलेश यादव के रामपुर दौरे को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। उनके हेलीकॉप्टर के जौहर यूनिवर्सिटी स्थित हेलीपैड पर उतरने से लेकर जिला जेल और आजम खान के आवास तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।प्रशासन दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है। अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए भी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
आजम खान से मुलाकात के क्या होंगे राजनीतिक मायने?
अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। आजम खान रामपुर की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। ऐसे में उनसे मुलाकात को सपा की राजनीतिक रणनीति और मुस्लिम मतदाताओं के बीच पार्टी के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।

2022 के विधानसभा चुनाव में रामपुर जिले की पांच विधानसभा सीटों में से तीन पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में रामपुर का राजनीतिक महत्व सपा के लिए अहम है। अब देखना होगा कि अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात के बाद कोई बड़ा राजनीतिक संदेश सामने आता है या यह मुलाकात पार्टी के भीतर संवाद और रिश्तों को मजबूत करने तक सीमित रहती है। फिलहाल, इस मुलाकात ने यूपी की सियासत में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।











