UP Politics: अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तीखा तंज, यूपी में पैदा हुई ‘प्रीपेड पीड़ित’ जनता की नई श्रेणी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बिजली के प्रीपेड मीटर को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि स्मार्ट मीटर की खामियों से जनता अंधेरे में रहने को मजबूर है और उपभोक्ता से अब 'उपभुगता' बन गई है। उन्होंने इसे 'प्रीपेड पीड़ित' का नाम दिया है।

UP Politics:

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 5, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) के नजदीक आते ही सूबे की सियासत का पारा तेजी से चढ़ने लगा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिजली के प्रीपेड मीटर (Prepaid Smart Meter) के मुद्दे को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर एक बार फिर बेहद तीखा और जोरदार हमला बोला है।

अखिलेश यादव का बड़ा आरोप

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और कहर की वजह से उत्तर प्रदेश में दुखी और प्रताड़ित लोगों की एक बिल्कुल नई श्रेणी तैयार हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस नई श्रेणी को ‘प्रीपेड पीड़ित’ (Prepaid Victim) का नाम दिया है।

स्मार्ट मीटर की खामियों से जनता बेहाल

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में इस शब्द को समझाते हुए आगे लिखा कि ‘प्रीपेड पीड़ित’ का सीधा सा मतलब उन लाचार नागरिकों से है, जो अपने घरों में बिजली के प्रीपेड मीटर लगवा कर बैठे हैं। लेकिन इन स्मार्ट मीटरों की तकनीकी खामियों और गड़बड़ियों की वजह से पैसा होने के बावजूद अचानक बिजली कट जाती है। इसके परिणामस्वरूप निर्दोष जनता इस भीषण गर्मी में अंधेरा और बिजली संकट झेलने को विवश है।

बिजली कंपनियां और सरकार की मिलीभगत

समाजवादी पार्टी के चीफ ने बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों की बात उठाते हुए सवाल किया कि जब बिजली इस्तेमाल करने से पहले ही कंस्यूमर के खाते से पैसा कट जाता है या एडवांस जमा हो जाता है, तो फिर सरकार और बिजली विभाग आम जनता को क्यों सता रहे हैं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिजली कंपनियों को तो अपना मुनाफा पहले ही मिल जाता है, इसलिए उन्हें आम नागरिकों की बुनियादी तकलीफों की कोई परवाह नहीं रह गई है। गरीब और मध्यमवर्गीय जनता मदद की गुहार लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन शासन और प्रशासन की मिलीभगत के कारण उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

भाजपा राज में जनता का हाल और ‘PDA’ की रणनीति

अखिलेश यादव ने शब्दों के खेल से कटाक्ष करते हुए कहा कि सच तो यह है कि मौजूदा भाजपा शासनकाल में जनता अब बिजली की ‘उपभोक्ता’ (Consumer) नहीं रह गई है, बल्कि ‘उपभुगता’ बन चुकी है। राज्य के निवासी हेराफेरी से बनी इस सरकार के दुष्परिणामों को लगातार भुगतने (Suffering) पर मजबूर हैं।

शोषितों और पीड़ितों की एकजुटता

सपा सुप्रीमो ने अपने राजनैतिक समीकरण ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को धार देते हुए कहा कि इसी नाइंसाफी के कारण आज पीडीए का कुनबा और संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने अपने नारे को दोहराते हुए कहा कि ‘जो पीड़ित है, वो पीडीए है’। अखिलेश ने दावा किया कि अब प्रीपेड मीटर से परेशान ये नए ‘प्रीपेड पीड़ित’ कह रहे हैं कि घबराइए मत, भाजपा के बुरे दिन आने वाले हैं। प्रदेश में जल्द ही पीड़ितों की अपनी सच्ची सरकार आएगी और सबको बिना किसी रुकावट के बिजली दिलाएगी।